जिला जेल में गुरुवार की रात को एक कैदी की मौत हो गई। मौत का कारण बीमारी बताया जा रहा है। रामनगर पुलिस थाना ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया है। मृतक के बेटे कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2013 में उसके पिता पूर्ण चंद अपनी गाड़ी में गांव के किसानों की सब्जी के साथ दिल्ली का आवागमन कर रहे थे। पानीपत क्षेत्र में किसी वाहन के साथ सड़क हादसे में उसकी बोरियां के नीचे दबने से चार किसानों की मौत हो गई थी। पानीपत के सेशन कोर्ट ने मंगलवार छह अगस्त को दो साल की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। इस दिन कोर्ट में उसका पिता घर से अपनी बाइक पर गया था। जब उन्हें पता चला तो वे मिलने के लिए पहुंचे, लेकिन दोपहर बाद न मिलने के नियम का हवाला देते हुए बाहर निकाल दिया। वीरवार को दिन में वे जेल जाकर उसके पिता से मिले तो उन्हें बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और जेल के डॉक्टर उसका ठीक से इलाज नहीं कर रहे हैं। रात को उनके पास फोन आया कि तबीयत ज्यादा खराब है और कल्पना चावला मेडिकल कालेज में इलाज के लिए लेकर आए हैं। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसका आरोप है कि यदि उसके पिता को जेल में अच्छा इलाज मिलता तो वे जीवित होते।
अस्पताल की तरफ से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। बीमारी के कारण मौत होेने की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। परिवार ने भी बीमार होने की बात कही है।-राम अवतार, जांच अधिकारी।