करनाल। नगर निगम की एक बैठक सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल में हुई। इसमें शहर के सभी पार्षदों और निगम के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में शहर के विकास से जुड़े 21 में से 20 प्रस्तावों और 164 विकास कार्यों पर मुहर लग गई। असंतुष्ट नगर निगम पार्षदों ने ढाई घंटे में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की। इस दौरान नगर निगम के पार्षदों को निगम अधिकारियों के खिलाफ भड़ास निकालने का मौका मिल ही गया। डीसी बलराज सिंह और मेयर रेणूबाला गुप्ता की मौजूदगी में पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर लोगों को तंग करने का आरोप लगाया।
बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग और डिप्टी मेयर मनोज वधवा ने रोष जताते हुए कहा कि निगम में उनके पास न तो आफिस ही है, न ही स्टाफ। जबकि एक्ट में इसका प्रावधान है। पार्षद बलविंद्र ने निगम के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे विपक्षी पार्टियों के पार्षदों को जानबूझ कर सुविधाएं नहीं दे रहे हैं। इस पर डीसी बलराज सिंह ने कड़े लहजे में निगम अधिकारियों को हिदायत दी कि पार्षदों, डिप्टी मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर का समुचित सम्मान करें। इस दौरान सभी पार्षदों ने निगम के आयुक्त डीसी बलराज सिंह से लावारिस पशुओं को पकड़कर शहर से बाहर करने की शिकायत रखी। डीसी ने कहा कि निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर इस बारे में योजना बनाई जाएगी।
हमारी तो तसदीक भी नहीं मानते अधिकारी
सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने बैठक में पार्षदों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए निगम अधिकारियों को घेरा। उन्होंने कहा कि रेजीडेंशियल सर्टिफिकेट के लिए जब वे तसदीक करते हैं तो अधिकारी उसे नहीं मानते। अगर मानना ही नहीं है तो इस प्रक्रिया को खत्म कर दिया जाए। इस पर डीसी ने कहा कि यह प्रक्रिया जरूरी है। इसे खत्म नहीं किया जा सकता।
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नगर निगम की बैठक में ये प्रस्ताव पास हुए
- 8.94 लाख रुपये की लागत से फूसगढ़ की फिरनी में स्ट्रीट लाइट लगवाना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण
- 154.63 लाख रुपये में गांव बागपति में पानी निकासी सुचारु करना। एक कमेटी इस कार्य को रिव्यू करेगी।
- वाल्मीकि बस्ती में पानी निकासी के लिए टैंक बनाना। इस काम पर 99 लाख रुपये खर्च होंगे।
- मोती नगर क्षेत्र में पानी निकासी की व्यवस्था करना। इस काम पर 163 लाख रुपये खर्च होंगे।
- गांव दहा में पानी निकासी सुचारु करना। इस पर 40 लाख रुपये खर्च होंगे।
-गांव कटाबाग में जोहड़ के पानी की निकासी के लिए कलेक्टिंग टैंक का निर्माण व अन्य प्रबंध। इस कार्य पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
-नगर निगम में शामिल सभी गांवों के जोहड़ों, चौपालों और पंचायत घरों का रखरखाव अब नगर निगम करेगी।
- नगर निगम करनाल की सीमा पर स्वागत बोर्ड लगवाना।
- नगर निगम की सीमा में कूड़ा उठाने के लिए 75 रिक्शा व 10 ऑटो रिक्शा खरीदना। सार्वजनिक स्थलों पर 200 बैंच लगाने का कार्य।
- हांसी रोड पर हाउसिंग बोर्ड को वर्तमान कलेक्टर रेट छह हजार रुपए प्रति वर्ग पर देने के बारे में सरकार द्वारा तय की गई है, जबकि इसके साथ लगती जमीन पावर कारपोरेशन को नौ हजार रुपए प्रति गज और विकास शुल्क 120 रुपये वर्ग भूमि के हिसाब से नगर निगम के द्वारा दी गई है। इसलिए उपरोक्त दरों पर यह जमीन बेची जाए।
- शहर के प्रत्येक वार्ड में हाई मास्ट लाइट लगवाना।
- आठ माह में नगर निगम में ठेकेदारों को अलॉट किए गए कार्यों को समयावधि में पूरा नहीं किया गया। इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैक लिस्ट करना। इस प्रस्ताव पर डीसी ने ठेकेदारों की बैठक लेकर स्पष्टीकरण मांगने की बात कही।
- कर्ण ताल का सौंदर्यीकरण व रखरखाव निगम द्वारा करना। इस पर डीसी ने कहा है कि वे भी चाहते हैं इसे निगम अंडरटेक करे। सरकार को इसके लिए पत्र लिखकर मांग की जाएगी।
-नगर निगम सीमा में स्ट्रीट लाइट के बैड स्विच हटवाकर तार लाइन बिछाने बारे।
-वार्ड नंबर एक और दो के साथ लगती छह एकड़ जमीन पर खेल का मैदान तैयार करना।
निगम में आए गांवों में कब्जे हटवाना
नगर निगम के अधीन सरकार ने 17 गांव रखे हैं। इस बैठक में मुद्दा उठा कि निगम के अधीन आए इन गांवों में अवैध कब्जे हैं। मेयर रेणूबाला गुप्ता ने कहा कि बेशकीमती जमीनों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। इन कब्जों को खाली कराने के लिए शुरू से ही प्रशासन से मदद मांगी जा रही है, लेकिन पुलिस प्रोटेक्शन तक नहीं दी जाती। इस पर डीसी ने कहा कि पटवारी और गिरदावरों से इन गांवों में निशानदेही कराई जाएगी। उसके बाद कब्जे छुड़वाए जाएंगे।
मेयर ने डीसी से की कालोनियां नियमित करने की मांग
नगर निगम की मेयर रेणूबाला गुप्ता ने शहर का सबसे अहम मुद्दा बैठक में उठाया। उन्होंने शहर की अनाधिकृत कालोनियों को अधिकृत कराने का विषय रखा, जिसके लिए सरकार को लिखा जाना है। इस पर सदन ने स्वीकृति प्रदान कर दी। इन कालोनियों में वार्ड नंबर एक की वंसत विहार, इंदिरा कालोनी, लोधा गामड़ी, कैलाश, संजय कालोनी, वार्ड नंबर दो की प्रीतमपुरा, आरकेपुरम गली नंबर दस से 16, आरकेपुरम-2, कृष्णा कांप्लेक्स, शक्तिपुरम-2, रणजीत एंक्लेव, एलआईसी कालोनी, अशोका नर्सरी, आर्य पुरम, पालम कालोनी। वार्ड नंबर तीन की दयानंद कालोनी, वाल्मीकि बस्ती, माडल टाउन। वार्ड नंबर चार की एसपी कालोनी, रोड़ कालोनी व संधू कालोनी। वार्ड नंबर पांच की डीसी कालोनी, बैंक कालोनी, पुरानी दुर्गा कालोनी, दुर्गा कालोनी, नरेंद्र कालोनी, उत्तम कालोनी, सरस्वती विहार, पृथ्वी विहार, एमसी कालोनी, कर्ण विहार। वार्ड नंबर छह की अशोक विहार कालोनी, कनिका विहार, सूरजनगर, विकास कालोनी मेरठ रोड, कृष्णा कालोनी। वार्ड नंबर सात की निर्मल विहार, राजीव पुरम व विकास नगर। वार्ड नंबर आठ के राजेंद्र नगर पार्ट -1, मोती नगर एक्सटेंशन, वार्ड नंबर नौ की वाल्मीकि बस्ती व अर्जुन गेट, वार्ड नंबर 11 की बड़ी कालोनी, वाल्मीकि बस्ती नजदीक सैनी कालोनी। वार्ड नंबर 12 की नाला पार हांसी रोड, वार्ड नंबर 14 की जनकपुरी, इंदिरा कालोनी बांसो गेट। वार्ड नंबर 15 की रामदेव कालोनी, मंगल कालोनी, पार्ट-2 वजीदा रोड, डेरा बस्ती वजीदा रोड, भाठ कालोनी। वार्ड नंबर 16 की गीता कालोनी, लवकुश कालोनी, न्यू वाल्मीकि कालोनी, श्रीराम कालोनी, महावीर कालोनी, हकीकत नगर, गप्पु वाला बाग, डिंगा खेड़ा कालोनी, कृष्णा नगर। वार्ड नंबर 18 की गुरु नानक पुरा, यमुना विहार। वार्ड नंबर 20 की विजय नगर, नसीबपुरा व पाल नगर। उन्होंने कहा कि यह कालोनियां 80 प्रतिशत से ज्यादा विकसित हो चुकी हैं।