करनाल। संपत्ति आईडी में सुधार और संपत्ति कर की वसूली के मुद्दे पर नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों पर पार्षदों ने कई आरोप जड़े। वीरवार को नगर निगम की साधारण सभा में उन्होंने कहा कि अधिकारी कर्मचारी अनावश्यक तरीके से टालमटोल करते हैं ताकि परेशान होकर वह दलालों के पास जाएं और फिर पैसे देकर अपना कार्य कराएं। विधायक भी नाराज हुए।
पार्षद संकल्प भंडारी ने कहा कि सेक्टर में सफाई का 2.22 करोड़ का टेंडर लगा रखा है, जिसको निरस्त किया जाना चाहिए। विधायक जगमोहन आनंद व महापौर रेणू बाला गुप्ता ने भी इसके औचित्य पर सवाल उठाए। एचएसवीपी की ईओ से इस पर 15 दिन में जांच कर नियमानुसार निरस्त करने की कार्रवाई करने के लिए कहा। ्
उन्होंने कहा कि प्रापर्टी आईडी में सुधार के लिए लोगों को परेशान किया जा रहा है। कई कई बार में कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। निगम के आसपास दलाल घूमते हैं। विधायक ने कहा कि पहले मेयर व निगमायुक्त ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करें, अन्यथा बाद में वह खुद इसे देखेंगे। महापौर ने भी दलालों के नाम मांगे, ताकि उनकी एंट्री बंद की जा सके। पार्षद संजीव मेहता ने प्रापर्टी टैक्स के नोटिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि प्रापर्टी आईडी का पार्षद के माध्यम से आने वाला कार्य दो-तीन दिन में अवश्य होना चाहिए। एक कार्यकारी अभियंता की ओर भी कार्यों को लटकाने का इशारा किया गया।