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सहकारिता के क्षेत्र में भ्रष्टाचार सहन नहीं : डॉ. अरविंद शर्मा

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- करनाल पहुंचे सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री ने गबन के मामले में लिया संज्ञान
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सहकारिता, पर्यटन एवं कारागार मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। अफसरों पर नजर रखी जाएगी। जनता का पैसा जनता के काम आएगा। वह सोमवार को करनाल पहुंचे थे। विदित हो कि अमर उजाला ने दो दिन पहले सहकारिता बैंक में हुए 20 लाख रुपये के गबन का मामला उठाया था। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान अधिकारियों को नसीहत दी।

मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा के साथ विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अब तक प्रदेश के 25 दौरे कर चुके हैं। हरियाणा को मनोहारी सौगातें दी हैं। हरियाणा के लोगों को हवाई सफर करने का अवसर मिलेगा। इस एयरपोर्ट के बाद हरियाणा का पर्यटन भी बढ़ेगा।
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मंत्री ने कहा कि हरियाणा को इंटरनेशनल पर्यटन मैप पर लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार संकल्पित हैं। विमान तल बनने के बाद हरियाणा में इंटरनेशनल स्तर के पर्यटक भी आ सकेंगे। हरियाणा को पर्यटन की दृष्टि से अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश सरकार आवश्यक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने हरियाणा को थर्मल पावर संयंत्र, एयरपोर्ट और मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर को भी नमन किया। इसके अलावा ब्राह्मण सभा के पूर्व प्रधान सुरेंद्र शर्मा के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। वे सेक्टर-7 स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित रस्म क्रिया में पहुंचे थे।
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यह है मामला
दी करनाल सहकारी बैंक के बल्ला और सालवन शाखा के प्रबंधक ने 20 लाख रुपये का गबन किया है। मुख्यालय की औपचारिकता पड़ताल में गबन की बात सामने आई, लेकिन शाखा प्रबंधक को कार्रवाई से बचाने के लिए उनसे इस राशि की रिकवरी करा दी गई। जब मामले की शिकायत मुख्यालय पहुंची तो करीब आठ माह बाद प्रबंधक को 26 मार्च 2025 में निलंबित किया गया। इसे लेकर बैंक के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने शिकायत शिकायत सहकारिता विभाग, रजिस्ट्रार सहकारी समिति और हरको बैंक को भी दी है। जिसमें बैंक रिटायर्ड कर्मचारी जितेंद्र मंडल ने बताया कि सहकारी बैंक एक राष्ट्रीय बैंक में भी खाता खुलवाते हैं। ताकि जब भी पैसे निकलवाने या जमा करवाने हों तो राष्ट्रीय बैंक में जमा करा दिए जाएं। ये शक्ति शाखा प्रबंधक के पास होती है। ये सुविधा इसलिए सहकारी बैंक प्रबंधकों का दी जाती है कि उनको शहर में नकदी लेकर आना जाना न पड़े। जरूरत पड़ने पर स्थानीय राष्ट्रीय बैंक में पैसे जमा भी करवा सकें और निकलवा भी सकें।
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