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कोरोना के संदिग्ध मरीज ने छठी मंजिल से कूदने की दी धमकी

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कल्पना चावला मेडिकल कालेज की पांचवीं मंजिल पर बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में दाखिल युवक ने घर जाने की जिद पर नीचे कूदने की धमकी दे डाली। जैसे ही सिक्योरिटी गार्ड ने युवक की आवाज सुनी आनन-फानन में सुरक्षा कर्मचारी ऊपर की और भागे और प्रबंधन को सूचना दी। सूचना पर कालेज के प्रवक्ता डा. गुंजन चौधरी और सिविल लाइन थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। इसके बाद एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक भी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाकर उसकी काउंसिलिंग की गई। तब जाकर युवक ने खिड़की बंद कर ली। बाद में पुलिस ने युवक को हिरासत में देकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। बताया जाता है कि युवक की सुबह कोरोना रिपोर्ट नेेगेटिव आई गई थी, इसीलिए वह घर जल्द जाने की जिद पर अड़ा था।
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कंबाइन चलाता है युवक
निसिंग के गांव महमदपुर निवासी युवक कंबाइन चलाता है और हाल ही में एमपी से गेहूं की कटाई कर अपने गांव आया था। बुखार होने पर वह खुद चेकअप के लिए आया। बुखार व लक्षण होने के कारण उसे मेडिकल कालेज के आईसोलेशन वार्ड आईपीडी की पांचवीं मंजिल में दाखिल कर लिया गया। युवक का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। युवक सुबह से ही घर जाने के लिए अड़ गया, लेकिन स्टाफ ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही उसे घर भेजा जाएगा। बार-बार कहने पर भी स्टाफ ने उसे जाने नहीं दिया तो युवक ने अंदर से कमरे की कुंडी लगाकर खिड़की खोल ली और चिल्लाने लगा। युवक ने कहा कि, मुझे घर जाने दो नहीं तो नीचे कूद जाऊंगा। खिड़की पर आते ही नीचे खड़े सुरक्षा कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और अचानक वे ऊपर की और दौड़े। तब तक वहां पहुंचे अन्य अधिकारी युवक से बात करने लगे। युवक ने कहा कि उसे घर जाने दें। कालेज प्रवक्ता डा. गुंजन चौधरी ने उसे आश्वस्त किया कि वे उसे घर जाने देंगे। बाद में एसडीएम और सिविल लाइन थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। युवक को समझाया और पुलिस को सौंप दिया। यह ड्रामा करीब आधे घंटे तक चला। दोपहर बाद लैब से रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे जाने दिया गया।
शीतल पेय मांग रहा था, और घर वाले मिलने नहीं इससे भी परेशान था युवक
आईसोलेशन वार्ड के स्टाफ ने बताया कि दो दिन से युवक मनपसंद खाना मांग रहा था, जबकि कालेज में सभी मरीजों और डाक्टरों के लिए एक जैसा ही खाना बनता है। युवक शीतल पेय की भी मांग कर रहा था, जबकि बुखार के मरीजों को शीतल पेय देना मना है। इसके अलावा युवक ने यह भी कहा कि दो दिन से उसके परिवार वाले उससे मिलने नहीं आ रहे हैं। इससे वह अकेलापन महसूस कर रहा है। उधर युवक का कहना है कि उसे स्टाफ ने बताया था कि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है, फिर उसे घर नहीं जाने दिया गया।
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6 अप्रैल को छठी मंजिल से भागते समय एक की हो चुकी मौत
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की छठी मंजिल पर बने आइसोलेशन वार्ड से 6 अप्रैल को सुबह चार बजे कोरोना के एक संदिग्ध मरीज गढ़ी नूरपुर (पानीपत) निवासी 55 वर्षीय शिवचरण ने भागने का प्रयास किया था। कपड़ों की रस्सी बनाकर उतरने के प्रयास में नीचे गिरकर उसकी मौत हो गयी थी। हालांकि चार घंटे बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट आयी, जो नेगेटिव थी।
रिपोर्ट नहीं आई थी, नेगेटिव आते ही जाने दिया
कालेज के प्रवक्ता डा. गुंजन चौधरी ने बताया कि बिना रिपोर्ट आए मरीज को घर नहीं भेजा जा सकता। करीब एक घंटे बाद युवक की रिपोर्ट नेगेटिव आई तो उसे जाने दिया गया। खाना सभी के लिए एक जैसा ही बनता है, खाने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। कालेज अस्पताल है, होटल नहीं। यहां मरीजों का अच्छे स्वास्थ्य के लिए भोजन तैयार होता है। वहीं, सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव गौर ने बताया कि युवक से पूछताछ की गई है। गलती मानने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
मनोचिकित्सक की सलाह
मरीज निराश न हों, स्टाफ उत्साह बढ़ाए
अमृतधारा के मनोचिकित्सक डा. रोबिन ने बताया कि कमरे में अकेेले होना और फिर कोरोना का डर होने से भी कई बार व्यक्ति घबरा सकता है। लेकिन कोरोना को हराने के लिए हौसला जरूरी है। करनाल में ऐसे तीन मरीज ठीक हुए हैं, इसलिए घबराने की बजाए लड़ने की जरूरत है। हो सके तो फोन पर अपने घर वालों से बात करें या वीडियो काल करें ताकि मन बहल सके। डिप्रेशन से दिक्कत और ज्यादा बढ़ सकता है। स्टाफ को भी चाहिए कि वे मरीज से लगातार बात करें और उसे उत्साहित करें।
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