हरियाणा में महामारी और लॉकडाउन की शुरूआत को एक साल बीत गया है। आज भी कोरोना का वही डर बरकरार है, जो पिछले साल इन्हीं दिनों बना हुआ था। लोग सहमे हुए थे और लॉकडाउन लगने के बाद घरों में कैद हो गए थे। लेकिन फिर भी संक्रमण का दौर बढ़ता गया। सितंबर तक प्रदेश में कोरोना फैलाव की स्थिति चरम तक पहुंच गई थी। मगर उसके बार रिकवरी रेट बेहतर होने लगा था। इस साल फरवरी तक रिकवरी रेट 98 प्रतिशत से भी पार हो गया था। लगने लगा था कि जल्द ही हरियाणा कोरोना मुक्त हो जाएगा, क्योंकि अब लोगों को वैक्सीन का सहारा भी मिल चुका था। मगर अचानक मार्च के महीने में कोरोना ने फिर से करवट ली और शुरू हो गई महामारी की दूसरी पारी। रिकवरी रेट घटकर 96.71 प्रतिशत पहुंच गया। इन दिनों संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रहा है। वायरस से मरने वाले मरीजों की संख्या भी फिर से बढ़ने लगी है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञाें का कहना है कि लोग वर्तमान समय में भी इस महामारी को हलके में न लें और कोविड नियमों का सख्ती से पालन करें। प्रदेश की स्थिति देखें तो अभी तक स्वास्थ्य महकमा 6088112 मरीजों के सैंपल ले चुका है। जिसमें से 281588 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। जिनमें 177557 पुरुष, 104015 महिलाएं व 16 ट्रांसजेंडर हैं। 272335 मरीज स्वास्थ्य हो चुके हैं। मगर अभी भी सक्रिय मरीजों की संख्या 6149 है। 106 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। जिसमें से 87 आक्सीजन सपोर्ट पर हैं और 19 वेंटिलेटर पर हैं। करनाल, अंबाला, गुरुग्राम, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व कैथल में अभी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व करनाल में अचानक मरने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
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एक साल से यूं डरा रहा कोरोना... सावधानी बरतने वाले मत घबराना....
- 24 मार्च 2020 तक हरियाणा में 16 केस पॉजिटिव थे। जिसमें 2 केस पानीपत के थे।
- 23 अप्रैल 2020 तक हरियाणा में संक्रमित मरीजों की संख्या 270 हुई। जिसमें अंबाला में 12, करनाल में 6 कैथल में 2, कुरुक्षेत्र 2, पानीपत में 5 व यमुनानगर में 3 लोग पॉजिटिव थे। सूबे में 3 लोगों तोड़ चुके थे दम। हरियाणा में कोरोना से पहली मौत अंबाला में एक बुजुर्ग की हुई थी।
- 29 मई 2020 तक प्रदेश में 1721 लोग संक्रमित हो चुके थे। 19 की जान जा चुकी थी। कुल संक्रमितों में अंबाला के 47, पानीपत के 60, करनाल के 48, यमुनानगर के 9, कैथल के 17 व कुरुक्षेत्र के 27 मरीज शामिल थे।
- 29 जून 2020 तक संक्रमण का फैलाव तेज हुआ और हरियाणा में 13952 लोग संक्रमित हो गए। इनमें अंबाला के 314, करनाल के 287, पानीपत के 189, कुरुक्षेत्र के 116, यमुनानगर के 100 व कैथल के 94 मरीज शामिल थे। मरने वालों का आंकड़ा 223 पहुंच गया। जबकि कई मरीजों को वेंटिलेटर व आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया।
- 30 जुलाई 2020 तक संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज हो चुकी थी। सूबे में 34254 लोगों को कोरोना हो चुका था। 471 लोग मर चुके थे। अंबाला में 1495, पानीपत में 1009, कुरुक्षेत्र में 423, यमुनानगर में 265, करनाल में 1029 व कैथल में 247 लोग इस संक्रमण से ग्रस्त थे। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब सरकार ने कोविड टेस्ट के लिए प्राइवेट लैब को भी अधिकृत कर दिया था। 160 से ज्यादा मोबाइल हेल्थ टीम सैंपलिंग के लिए मैदान में उतारी जा चुकी थी।
- 30 अगस्त 2020 तक संक्रमण और बढ़ा और सूबे में 63282 लोग वायरस की चपेट में आ चुके थे। 682 लोगों की जान जा चुकी थी। संक्रमितों में अंबाला के 3728, करनाल के 2734, पानीपत के 3481, यमुनानगर के 1571, कैथल के 1035 व पानीपत के 3481 लोग शामिल थे। सैंपलिंग के लिए सरकारी लैब की संख्या बढ़ाकर 14 और प्राइवेट की 6 कर दी गई थी।
- 16 सितंबर 2020 तक हरियाणा में कोरोना ग्रस्त मरीजों का आंकड़ा एक लाख से पार 101316 पहुंच चुका था। एक हजार से अधिक 1045 लोगों की मौत हो चुकी थी।
- 9 अक्तूबर 2020 तक प्रदेश में 139932 लोगों को वायरस अपनी जद में ले चुका था। 1562 लोगों की जा जा चुकी थी। 127540 लोग ठीक भी हो चुके थे। रिकवरी रेट बेहतर होकर 91 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अब 36 दिन में मरीजों की संख्या दोगुनी हो रही थी। जोकि पहले 13 दिन थी।
- 24 नवंबर 2020 तक प्रदेश में वायरस ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़कर दो लाख से पार 222292 हो गई थी। जबकि मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 2249 हो गई थी। इस महीने रिकवरी रेट में भी थोड़ी गिरावट आई थी।
- 25 दिसंबर 2020 साल के अंत तक प्रदेश में 260153 मरीज कोरोना पॉजिटिव हो चुके थे। जिनमें पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा 165226 और महिलाओं की संख्या 94912 थी। इनमें 15 ट्रांसजेंडर भी कोरोना से ग्रस्त थे। 2858 लोग कोरोना का शिकार होकर दम तो चुके थे। जिनमें 1934 पुरुष व 923 महिलाएं शामिल थी। मगर रिकवरी रेट बेहतर होकर 97.08 पहुंच चुका था। मृत्यु दर 1.10 प्रतिशत थी।
- 31 जनवरी 2021 नए साल के पहले महीने के अंत में हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 267897 तक पहुंच गई थी। जबकि मरने वाले मरीजों का आंकड़ा तीन हजार से पार 3018 हो गया था। रिकवरी रेट 98.46 रही। मगर मृत्यु दर बढ़कर 1.13 प्रतिशत हो गई। वैक्सीनेशन शुरू हो चुका था और प्रदेश के 126490 लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीके भी लगाए जा चुके थे। सैंपलिंग के लिए सरकारी लैब की संख्या 19 और प्राइवेट की 8 कर दी गई थी।
- 28 फरवरी 2021 तक सूबे में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 270784 हो गई। जबकि 3048 मरीज दम तोड़ चुके थे। टीका लगवाने वाले लोगों की संख्या भी बढ़कर 298863 हो गई थी।
- 24 मार्च 2021 तक कोरोना की दूसरी पारी शुरू हो चुकी थी। पिछले कई दिनों से संक्रमण फिर तेजी से बढ़ना शुरू हुआ और प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 281588 हो गई थी।
वायरस से मरने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़कर 3104 हो गई थी। जिसमें 2096 पुरुष, 1007 महिला व 1 ट्रांसजेंडर शामिल है। रिकवरी रेट भी घटकर 96.71 प्रतिशत पहुंच गया। कुल संक्रमित मरीजों में अंबाला के 13148 ( मौत), करनाल के 13203 ( मौत), पानीपत के 11236 ( मौत), कुरुक्षेत्र के 10400 ( मौत), यमुनानगर के 7781 ( मौत) व कैथल के 4365 ( मौत) मरीज शामिल हैं। 1200479 लोगों को प्रदेश में अब तक टीकाकरण भी हो चुका है। अब तक स्वास्थ्य महकमा प्रदेश में कुल ढाई करोड़ की आबादी में से 6088112 लोगों के सैंपल लेकर उनकी कोरोना जांच कर चुका है। अब सैंपलिंग के लिए सरकारी लैब की संख्या 19 और प्राइवेट की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई है। स्वास्थ्य महकमे की 65 मोबाइल टीमें जांच के लिए मैदान में हैं।
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लॉकडाउन में शराब तस्करों की चांदी, 3483 पकड़े भी गए
महामारी के इस दौर को शराब तस्करों ने भी खूब भुनाया। ठेके बंद हो चुके। लेकिन पीने वालों की तलब खत्म नहीं हुई थी। इसी का फायदा उठाकर लॉकडाउन और उसके बाद भी शराब तस्करों ने शराब की अवैध सप्लाई पीने वालों तक पहुंचाई और खबू चांदी कूटी। हरियाणा में इस दौरान 3395 एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए और 3483 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों से 224424 अंग्रेजी शराब की बोतलें, 21817 बोतलें व 4036 बीयर के केन, 157639 बोतलें देसी शराब, 226 बोतल, 11 लीटर व 16 पाउच कच्ची शराब, 96917 बोतल लिसिट समेत 44225 लीटर लाहन भी बरामद की गई।
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इनकी बेपरवाही से पुलिस को 52 करोड़ की कमाई
कोविड-19 की वजह से लोगों के घरों से निकलने पर पाबंदी थी। मगर बहुत से लोग ऐसे थे, जिन्हें सरकार के इस फरमान की कोई परवाह नहीं थी। लिहाजा सरकार को ऐसे लोगों पर सख्ती करनी पड़ी। पुलिस ने इस दौरान लॉकडाउन कर्फ्यू का उल्लंघन करने के प्रदेश में 12931 मामले सामने आए। जिसमें 8165 एफआईआर भी दर्ज की गई। 12197 लोगों को इसके तहत गिरफ्तार भी किया गया। उनके 21424 वाहन जब्त भी किए गए। जिन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जुर्माना ठोककर 52 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
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अफवाह फैलाने वाले भी पीछे नहीं थे
पहले ही इस महामारी से लोग खौफजदा थे और आज भी लोगों में इस बीमारी का डर बना हुआ है। मगर ऐसे में कई लोग ऐसे भी थे जो इस महामारी के नाम पर झूठी अफवाहें फैलाकर माहौल खराब कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे लोगों पर भी नकेल कसी। इसी संदर्भ में पुलिस ने हरियाणा में 102 एफआईआर दर्ज की जिसमें से 127 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैला रहे थे।
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टीकाकरण : कैथलवासियों में जोश कम
हरियाणा के जीटी बेल्ट के छह जिलों की बात करें तो कैथल एकमात्र ऐसा जिला है टीकाकरण कवरेज की दर कम है। 22 मार्च को कैथल में टीकाकरण की कवरेज दर 53 प्रतिशत रही। 22 मार्च तक यहां 29518 लोगों को ही कोरोना का टीका लग पाया है। जबकि अंबाला में अब तक 93191 लोग, करनाल में 70984 लोग, कुरुक्षेत्र में 36522, पानीपत में 31490 लोग व यमुनानगर में 50665 लोग टीका लगवा चुके हैं। सूबे में अभी तक सबसे ज्यादा गुरुग्राम में 160253 लोगों को व सबसे कम मेवात में 12738 लोगों को ही टीका लगा है।
कोरोना के मामले फिर से सक्रिय हो रहे हैं। इसके मद्देनजर सैंपलिंग भी तेज कर दी गई है। मोबाइल टीमें फील्ड से भी लगातार सैंपल जुटा रही हैं। टीकाकरण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। प्रदेश में अब तक 1200479 लोगों का टीकाकरण हो चुका है। लोग अभी संक्रमण को बिल्कुल भी हलके में न लें। मास्क और दो गज की दूरी समेत कोविड-19 के तमाम नियमों का पालन करें। ताकि इस संक्रमण के फैलाव पर रोक लगाई जा सके। वैक्सीनेशन की भ्रांतियों को दूर करते हुए कोरोना का टीका जरूर लगवाएं।
- राजीव अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा।