लॉकडाउन में लोगों को घर द्वार पर ही सब्जी और फल मिलें, इसके लिए प्रशासन की ओर से नीड्स ऑन व्हील मोबाइल एप तैयार कराया गया। जहां लोग सिंगल क्लिक पर ऑर्डर कर सकते हैं। लेकिन एप एजेंसी मनमाने सब्जी और फलों के दाम वसूल रही है। मार्केट कमेटी की ओर से तय किए दामों से इनके दाम काफी ज्यादा हैं। बुधवार को कमेटी की ओर से धनिया का 10 रुपये रेट तय किया गया। जबकि मोबाइल एप पर यह 10 रुपये 250 ग्राम यानी 40 रुपये प्रति किलोग्राम लगाया जा रहा है। इसी तरह अन्य सब्जियों और फलों के दामों में भी काफी अंतर है। इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव से बात की तो उन्होंने एजेंसी को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि खुद ही रेट लगा रही है। बता दें कि मंगलवार को भी अमर उजाला की टीम मंडी और एप के रेटों की पड़ताल की तो तब भी डेढ़ से दो गुणा ज्यादा दाम निकले।
जब डिलीवरी चार्ज ले रहे तो दाम ज्यादा क्यों?
सब्जी मंडी में रोजाना काफी संख्या में मोबाइल एप से ऑनलाइन ऑर्डर आ रहे हैं। एक दुकानदार के अनुसार उनके पास रोजाना 300 के करीब ऑर्डर आते हैं। मोबाइल एप पर रेट फिक्स होते हैं। कम से कम 150 रुपये का ऑर्डर करना जरूरी है। इस पर भी 30 रुपये का डिलीवरी चार्ज अलग से है। एडवोकेट राजेश शर्मा व एडवोकेट संदीप राणा का कहना है कि फिर एजेंसी महंगे दाम पर सामान क्यों बेच रही है, जो रेट प्रशासन ने तय किए हैं, उन पर सामान क्यों नहीं दिया जा रहा।
22 अप्रैल के तय रेट और मोबाइल एप के दाम में अंतर
फल तय दाम एप पर
संतरा 65 से 75 80
मौसमी 30 से 40 46
अंगूर 60 से 70 100
सेब 90 से 110 130
अनानास 45 से 55 75
सरदा 60 70
नारियल पानी 40 45
आम 60 से 75 100
सब्जी तय दाम एप पर
टमाटर 15 से 20 30
पालक 15 20
हरी मिर्च 20 से 30 50
भिंडी 45 से50 60
धनिया 10 40
घीया 10 20
बंद गोभी 10 16
बैंगन 20 30
गाजर 35 40
करेला 35 से 45 60
अरबी 70 80
हम सिर्फ जनरल रेट जारी करते हैं, इस रेट पर रेहड़ी और टेंपों पर सामान बिकता है। मोबाइल एप की एजेंसी अपना रेट खुद लगा रही है। ज्यादा क्यों वसूल रहे हैं, इसका पता नहीं। लेकिन हमारे तय किए रेट से ज्यादा रेहड़ी और टेंपो वाले नहीं वसूल सकते।
-सुंदर लाल, मंडी सचिव