विरोध करने वालों ने कहा कि तिरंगा जैसा दिखने वाले रावण के पुतले को जलाना राष्ट्रीय भावना का अपमान होगा। इसके बाद श्रीराम लीला कमेटी के सदस्यों में हड़कंप मच गया।
करनाल के घरौंडा में विजयदशमी पर्व पर लंकाधिपति रावण के पुतले की पोशाक के रंगों को लेकर विवाद हो गया। काफी विरोध के बाद श्रीराम लीला कमेटी के सदस्यों को पुतला दहन से पहले पोशाक का रंग बदलना पड़ा।
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बुधवार को श्रीराम लीला कमेटी की ओर से दशहरे पर रावण दहन किया जाना था। इसके लिए स्कूल के खेल मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव पर रावण का पुतला खड़ा किया गया। रावण के पुतले की पोशाक तीन रंगों की यानी तिरंगा थी। ये रंग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से मिलते जुलते थे। किसी ने रावण के पुतले की इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी। इसके बाद पोशाक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया। कुछ लोगों ने दहन के लिए तैयार किए गए पुतले की पोशाक का विरोध शुरू कर दिया। एलान कर दिया कि इस पोशाक में रावण के पुतले का दहन नहीं होने दिया जाएगा।
विरोध करने वालों ने कहा कि तिरंगा जैसा दिखने वाले रावण के पुतले को जलाना राष्ट्रीय भावना का अपमान होगा। इसके बाद श्रीराम लीला कमेटी के सदस्यों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन खड़े पुतले पर सीढ़ी की सहायता से पोशाक पर पेंट करके रंग बदला गया। तब जाकर लोग शांत हुए और निर्धारित समय पर पुतला दहन हो सका।
जनभावनाओं का रखा ध्यान
श्री रामलीला कमेटी के प्रवक्ता मनीष गुप्ता ने कहा कि रावण के पुतले की पोशाक को लेकर कुछ लोगों के विरोध की सूचना मिली थी। जबकि पुतले की पोशाक में बीच की पट्टी सिल्वर कलर की बनाई गई थी, फिर भी जनभावनाओं और देशभक्ति का ध्यान रखते हुए तत्काल रावण के पुतले के रंग को बदलवा दिया गया है।