संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश के मौसम में बिजली निगम की ओर से लगातार कट व लाइन ब्रेक डाउन से उपभोक्ता परेशान है। बारिश का पानी केबल के माध्यम से मीटर के अंदर जाने से उनको नुकसार हो रहा है। वहीं तारों में पानी जाने से केबल के बर्स्ट होने की शिकायतें बिजली सुविधा केंद्र में आ रही हैं।
घरों से बाहर मीटर लगाने जैसे तमाम प्रयासों के बावजूद भी बिजली चोरी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। बिजली उपभोक्ता चोरी के लिए कोई न कोई नई तरकीब ढूंढ लेते हैं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में इस माह रेवेन्यू कम जमा होने से निगम की ओर से जिले की चार डिवीजनों के 18 सब डिवीजनों में बिजली चोरी की घटनाओं को पकड़ने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए निगम की ओर से मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके अनुसार देर रात व अल सुबह के समय, जब लोग सोते रहते है उस दौरान विजिलेंस और बिजली निगम के संबंधित सब डिवीजन की टीम जिसमें उस क्षेत्र के लाइनमैन या सहायक लाइनमैन, जेई और दो विजिलेंस टीम के सदस्यों की ड्यूटी रहेगी। इस मौके पर अगर कोई बिजली चोरी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसकी तार को काबू करने के साथ-साथ, लोड अनुसार जुर्माना लगाकर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। बिजली निगम की रिपोर्ट अनुसार अगर अगस्त माह की बिजली चोरी घटनाओं की बात करें तो बिजली निगम की चार डिवीजनों में 100 से ज्यादा बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं। बिजली निगम की ओर से अब इन लोगों पर 35 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इस राशि में करीब 25 लाख रुपये की रिकवरी हो चुकी है। बिजली निगम की ओर से उन स्थानों पर दबिश दी जा रही है जिन उपभोक्ताओं के बिल न भरने पर कनेक्शन कट जाते हैं।