इंद्री। नगर पालिका स्टाफ की एक चूक से नागरिक अस्पताल में 15 महीने में बनकर तैयार होने वाला ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) के भवन का निर्माण कार्य अटका हुआ है। निर्माण के लिए बनाए एस्टीमेट में 200 क्विंटल के बजाय 200 किलो सरिया लिख दिया गया था। इसी के आधार पर 52 लाख रुपये का फंड जारी हो गया। इस राशि में निर्माण पूरा नहीं हो पाया। अब नए वित्त सत्र में फंड जारी होने के बाद ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
मुख्यमं9ी नायब सैनी और इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप ने 17 जनवरी, 2025 को निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। 15 महीने बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। योजना के तहत इस भवन में ब्लॉक स्तर पर जांच, टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक यूनिट स्थापित की जानी है। वरिष्ठ नागरिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही भीड़भाड़ है, नई यूनिट से मरीजों को राहत मिलनी थी लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी नीरज, संजीव, अमित, रिंकू का कहना है कि इंद्री में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। 15 महीने का समय बीतने के बाद भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
अब 3.60 लाख रुपये अतिरिक्त होंगे खर्च
सरिया एवं सीमेंट विक्रेता के अनुसार, जनवरी 2025 में सरिये का रेट 42 रुपये किलो था। उस समय नगर पालिका ने 200 किलो के हिसाब से 8,400 रुपये का बजट तय किया गया था जबकि 8.40 लाख रुपये का बजट बनाना था। अब सरिये का रेट 60 रुपये किलोग्राम है, ऐसे में 200 क्विंटल सरिया 12 लाख रुपये का आएगा। उस चूक के कारण अधिकारियों को करीब 3.60 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे।
उच्चाधिकारियों को भेजी फाइल, नया फंड आने की उम्मीद
नगर पालिका सचिव धर्मबीर ने कहा कि वह मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं। निर्माण कार्य में आने वाली लागत की गणना के समय विभागीय त्रुटि के कारण सरिया 200 क्विंटल की जगह 200 किलो लिखा गया था, जिससे बजट बिगड़ गया। अब और धनराशि के लिए फाइल उच्चाधिकारियों के पास भेजी है। फंड आते ही निर्माण कार्य पूरा करवा कर भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।