- पूर्व सीएम बोलीं, बसपा ने उत्तर प्रदेश में सभी वर्गों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिन्हें अब दूसरी सरकारें भी अपनाने को विवश
- कहा, यदि चुनाव निष्पक्ष और ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो भाजपा भी केंद्र की सत्ता में आसानी से नहीं आने वाली
- मायावती बोलीं, बसपा किसी धन्नासेठ, पूंजीपति से धन नहीं लेती, अपने कार्यकर्ताओं व मेरे जन्मदिन पर थोड़ा धन एकत्र करके चलाती है संगठन
- करनाल में राज्यस्तरीय चुनावी जनसभा से बसपा सुप्रीमो ने दलित, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों व पिछड़ों को साधा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस सर्वाधिक सत्ता में रही लेकिन उसे दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग विरोधी नीतियों के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा। अब भाजपा भी उन्हीं नीतियों पर चल रही है, इसलिए उसे भी दोबारा सत्ता प्राप्त करने से रोकना होगा।
करनाल के सेक्टर चार स्थित दशहरा मैदान में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा करनाल के बसपा प्रत्याशी इंद्रजीत सहित सभी सीटों के बसपा प्रत्याशियों को मंच पर खड़ा करके उन्हें विजयी बनाने का आह्वान किया। हरियाणा के सभी बसपा उम्मीदवारों के समर्थन में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमारी मायावती ने दलितों, आदिवासियों के साथ पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भी साधा।
उन्होंने कहा कि बसपा ने उत्तर प्रदेश में अपने चार बार के कार्यकाल में सभी वर्गों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। जिन्हें अब दूसरी सरकारें भी अपनाने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव निष्पक्ष और ईवीएम में गड़बड़ी नहीं हुई तो अपनी गलत नीतियों के कारण भाजपा भी केंद्र की सत्ता में आसानी से आने वाली नहीं है। क्योंकि अब चुनावी पुरानी नाटकबाजी, गारंटी आदि काम आने वाली नहीं है, जनता सब समझ चुकी है। इन्होंने सभी काम हवा हवाई किए हैं। जो कार्य बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में किए हैं, उनके एक तिहाई कार्य भी देशभर में नहीं किए, सिर्फ धन्नासेठों, पूंजीपतियों को ही मालामाल किया है।
मायावती ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही सुुप्रीम कोर्ट ने बाॅन्ड के माध्यम से भाजपा व कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों द्वारा धन्नासेठों, पूंजीपतियों, उनकी कंपनियों से करोड़ों रुपये लेने का संज्ञान लिया। सिर्फ बसपा ही एक ऐसी पार्टी रही, जिसने एक रुपया भी किसी से नहीं लिया। बसपा किसी भी धन्नासेठ, पूंजीपति से धन नहीं लेती, बसपा अपने कार्यकर्ताओं व मेरे जन्मदिन पर थोड़ा धन एकत्र करके संगठन चलाती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरह ही भाजपा ने भी देश की एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया है। बसपा ने दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक सहित सर्व समाज, किसानों, मजदूरों आदि का ध्यान रखा है। भाजपा की जातिवादी, पूंजीवादी सोच के चलते कभी दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, सर्व समाज का हित नहीं किया। आरक्षण भी किसी को पूरा नहीं मिल रहा है। प्राइवेट सेक्टर में तो आरक्षण खत्म सा हो गया है। कई सालों से भाजपा व आरएसएस की सरकारों ने पदोन्नति में आरक्षण भी बंद कर दिया है। धर्म की आड़ में जुल्म किया जा रहा है। किसान अधिकतर समय आंदोलित ही रहते हैं। सरकारी वर्ग भी दुखी है। मौजूदा सरकार में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। इसलिए चुनाव में भाजपा, कांग्रेस व इनकी सहयोगी पार्टियों को सत्ता में आने से रोकना होगा।
मौके बसपा के हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ के प्रभारी रणधीर सिंह बेनीवाल, प्रदेश प्रभारी एडवोकेट गुरमुख सिंह, सुमेर जांगड़ा, प्रदेशाध्यक्ष राजवीर सोरखी, प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी सही राम, नरेंद्र राणा, रामपाल वैभान आदि कई नेता मौजूद रहे।