- आज पासिंग के लिए लगेगा विशेष शिविर, मानक पूरे करने के लिए मिला 10 दिन का समय, 26 के बाद होगी कार्रवाई
करनाल। जिले में शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की बसों में खामियां पाई गई हैं। एक सप्ताह तक हुई जांच की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। जिले में अब तक 76 स्कूल बसों के चालान किए गए, इनमें 61 ग्रामीण क्षेत्र की बसों के हैं, जबकि करनाल शहर में महज 15 चालान ही हुए हैं।
इधर, स्कूलों को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिस के मानकों के तहत बसों को तैयार करने के लिए सरकार ने 10 दिन का समय दिया है। अब 26 अप्रैल से कार्रवाई का दौर दोबारा शुरू होगा, तब तक स्कूल संचालक अपने बसों की मरम्मत व खामियों को दूर करवा सकते हैं। वहीं परिवहन आयुक्त के निर्देश पर बुधवार को करनाल में स्कूल बसों की पासिंग और फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए विशेष शिविर लगेगा। सेक्टर-32 के मैदान में स्कूल संचालक अपनी बसों को लेकर पहुंच सकते हैं।
इस दौरान मानकों की जांच होगी और खामियों को भी चिन्हित करते हुए दूर किया जाएगा। हालांकि विभाग की ओर से किसी भी बस का चालान नहीं किया जाएगा। आरटीए सचिव विजय देसवाल का कहना है कि 26 अप्रैल के बाद किसी भी वाहन को नहीं छोड़ा जाएगा। जिसमें खामी पाई गई, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जिले में अब तक 224 स्कूलों की 623 बसों की जांच हुई है। इनमें से खामी मिलने पर 76 बसों के चालान किए गए। जबकि छह बसें अब तक इंपाउंड हो चुकी हैं। कार्रवाई में इंद्री खंड सबसे आगे है, यहां 23 चालान हुए हैं। जबकि घरौंडा में छह और नीलोखेड़ी में एक भी चालान नहीं हुआ है। इंद्री में ही पांच और करनाल शहर में एक बस को इंपाउंड किया गया है।
करनाल-निसिंग के महज 27 स्कूल जांचे
खंड
स्कूल
बस जांची
चालान इंपाउंड
करनाल
27
272
15
01
असंध
35
39
17
00
इंद्री
38
73
23
05
नीलोखेड़ी
54
119
00
00
निसिंग
27
86
15
00
घरौंडा
43
34
06
00
वर्जन
अनफिट वाहन चलता मिला तो होगी कार्रवाई
स्कूल संचालकों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी, स्कूलों को 10 दिन का समय दिया गया है। ताकि बसों को दुरुस्त कराया जा सके। इसके बाद जिस वाहन में लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल जांच को रोक दिया गया है। लेकिन यह सख्त हिदायत है कि अनफिट वाहन को कोई भी स्कूल संचालक सड़क पर नहीं दौड़ाएगा।
- अखिल पिलानी, एडीसी करनाल