- महिला को मृत दिखा अंतिम संस्कार सहायता राशि हड़पने के आरोपी को नहीं पकड़ा सकी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पूंडरक गांव की जिंदा महिला को मृत घोषित कर सरकार की अंतिम संस्कार सहायता योजना के 2.15 लाख रुपये हड़पने के मामले में जिला श्रम कार्यालय में वीरवार को खलबली मच गई। विभाग की जिला अधिकारी ने इस मामले को लेकर अपने स्तर पर जांच कराई है ताकि पता लगाया जा सके कि यह गड़बड़ी किस स्तर पर हुई है।
दूसरी ओर सदर थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस मामले में जानकारी जुटा रही है कि इस धोखाधड़ी में और कितने व्यक्ति शामिल हैं। पूंडरक की रहने वाली विधवा महिला भारती ने 15 साल पहले श्रम विभाग में पंजीकरण कराया था। वह अपने दो बेटों के साथ गांव में ही रह रहकर मजदूरी करती है।
चार दिसंबर 2024 को उसके बड़े बेटे अजय के मोबाइल पर मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि हरियाणा भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजना के तहत 215000 रुपये आपके आधार लिंक खाते में जमा कर दिए हैं। जब उन्होंने बैंक खाता देखा तो उसमें रुपये नहीं थे। इसके बाद उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि गुरमीत नाम के व्यक्ति ने फर्जी कागजात के सहारे भारती को मृत घोषित किया है।
उसका पंजीकरण खाते का स्थायी पता बदलकर 946 इंदिरा कॉलोनी, जगाधरी, यमुनानगर कर दिया गया है। उसी व्यक्ति ने वह सहायता राशि हड़पी है और उसके फर्जी दस्तावेज लगाकर धोखाधड़ी की है। पीडिता ने यह भी बताया कि उसने गांव की एक महिला को लेबर पंजीकरण और फैमिली आईडी से जुड़े दस्तावेज दिए थे। इसके बाद उस महिला ने गांव के एक व्यक्ति को वह दस्तावेज दिए और फिर जींद के रहने वाले आरोपी ने ही उनके दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर यह धोखाधड़ी की है।
जिन मजदूरों का पंजीकरण हुआ है। उनका पोर्टल बना हुआ है। उनके पास ही यूजर आईडी व पासवर्ड होता है। लाभार्थी ऑनलाइन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते हैं। मजदूर के पोर्टल से ही आवेदन होता है।
- रजनी पसरीजा, असिस्टेंट वेलफेयर ऑफिसर
आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं। यह भी जांच की जा रही है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- विष्णु मित्र, सदर थाना प्रभारी करनाल