करनाल। धान की फसल की रोपाई लगभग पूरी होने वाली है। जिला प्रशासन ने पराली प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की ओर से खरीदी जाने वाली पराली का रेट तय करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है। जिसका अध्यक्ष जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को बनाया गया है। इसमें कृषि व किसान कल्याण विभाग, आईओसीएल, कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी), इंडस्ट्री के साथ किसान प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा।
पराली प्रबंधन के लिए सोमवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। जिसमें कहा गया है कि जो कमेटी गठित की गई है, वह सिर्फ पराली का ही नहीं बल्कि किसानों को किराए पर दी जाने वाली मशीनरी का रेट भी तय करेगी। उन्होंने कहा कि ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों की मांग के आधार पर शीघ्रता से फसल कटाई के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर पिछले साल उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की गई। पिछले साल 8 लाख 50 हजार पुआल का उत्पादन हुआ। जिसमें से एक लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति आईओसीएल को 2जी ईथनॉल प्लांट के लिए दी गई। इस बार भी आईओसीएल को इतनी ही पराली आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जाएगा।