करनाल। अप्रैल में निर्णय वापस लेने के बाद जिला प्रशासन ने अचानक से फिर नए कलेक्टर रेट लागू करने का निर्णय लिया है। यह एक अगस्त से लागू किए जाने हैं। इस बार कॉलोनियों के आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 85, व्यावसायिक में 73 और सेक्टरों में 67 फीसदी तक कलेक्टर रेट बढ़ाया जा सकता है।
इस बार जनता की आपत्ति और सुझावों के लिए महज आधे दिन का समय दिया है। लोगों का कहना है कि रेट समझकर जब तक आपत्ति जताने का मन बनाएंगे, तब तक अधिकारी इन रेटों को लागू कर देंगे। यदि यह रेट लागू होते हैं शहर की ज्यादातर कॉलोनियों में जमीन खरीदना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगा। कुछ लोगों का अपने घर का सपना भी अधूरा रह सकता है। अचानक रेट बढ़ने से आम आदमी की जेब पर भार बढ़ जाएगा।
डीसी उत्तम सिंह का कहना है कि जिले की सभी तहसील/उप-तहसील के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाली अचल संपत्ति का वर्ष 2025-2026 के लिए कलेक्टर रेट के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। प्रस्तावित रेट पोर्टल https://karnal.gov.in पर अपलोड कर दिए हैं।
आमजन रेट पर लिखित आपत्ति/सुझाव 31 जुलाई को दोपहर 3 बजे तक संबंधित उपमंडल अधिकारी (ना.) के कार्यालय या तहसील/उप तहसील कार्यालय में जमा करा सकते हैं। ऑनलाइन https://jamabandi.nic.in पर भी आपत्ति और सुझाव दर्ज कराए जा सकते हैं।
प्रॉपर्टी मार्केट में गिरावट आएगी: प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार बोले कि प्रॉपर्टी का बाजार पहले ही मंदे में है। अब कलेक्टर रेट बढ़ने से इस मार्केट में और गिरावट आएगी। जमीन के रेट कम होने चाहिए, ताकि लोग अपने सपनों का घर और काम आसानी से शुरू कर सकें।