इसके अलावा 50 से ज्यादा ऐसे क्षेत्र हैं, जहां 15 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। जिला प्रशासन की लंबी खींचतान के बाद पांच अगस्त को नए रेटों को पोर्टल पर अपलोड किया गया, इसके बाद ही रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो पाया। मंगलवार को पांच दिनों बाद करनाल तहसील में 70 रजिस्ट्री हुईं। अप्रैल में निर्णय वापस लेने के के बाद जिला प्रशासन ने अचानक से 29 जुलाई को नए कलेक्टर रेट का प्रस्ताव तैयार किया, जिसे एक अगस्त से लागू करने का निर्णय लिया गया।
इसमें सरकारी दरों से ऊपर प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने सर्वे के आधार पर कॉलोनियों के आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 85, व्यवसायिक क्षेत्र में 73 और सेक्टरों में 67 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाया गया था। जिस पर जनता की आपत्ति और सुझावों के लिए भी महज आधे दिन का समय 31 जुलाई को दिया गया। मामला उजागर होने के बाद 19 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। इस विरोध के बाद अधिकारियों के स्तर पर बढ़ाई दरें वापस ली गईं। यदि वे रेट लागू होते हैं तो शहर की ज्यादातर कॉलोनियों में जमीन खरीदना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाता।
कलेक्टर रेट में सरकार की ओर से बढ़ाई सामान्य दरों का ही इजाफा किया गया है। नए बढ़ने वाले प्रस्तावित रेट को वापस ले लिया गया है। नई संशोधित दरों को रजिस्ट्री के पोर्टल पर अपलोड करने के बाद मंगलवार से करनाल तहसील में रजिस्ट्री का कार्य शुरू हो चुका है।
- मनीष यादव, जिला राजस्व अधिकारी।
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