संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सुबह घर से निकलते ही चुभती ठंडी हवा से सिर भारी लगने लगता है। आंखों के आसपास दबाव महसूस और नाक बंद रहती है तो यह साइनोसाइटिस की दिक्कत है। सर्दियों की तेज और शुष्क हवा समस्या को बढ़ा रही है। जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में हर दिन 50-60 मरीज सिरदर्द और साइनोसाइटिस की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। युवा ज्यादा परेशान हैं।
नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 150 मरीजों की ईएनटी ओपीडी होती है। आधे से अधिक मरीज साइनोसाइटिस और सिरदर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। सिर में भारीपन, आंखों के आसपास दर्द, नाक बंद रहना, बार-बार छींक आना और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण आम हैं। नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन के अनुसार, साइनस के मरीजों में युवाओं की संख्या अधिक है। देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, नींद पूरी न होना, ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन और अनियमित दिनचर्या इसकी बड़ी वजह है।
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि सुबह-शाम तेज ठंडी हवा में बिना चेहरे को ढके बाहर निकलना भी समस्या को बढ़ा रहा है। कई युवा बाइक से बिना हेलमेट और चेहरा ढके बिना सफर करते हैं, इससे ठंडी हवा सीधे नाक में जाकर नसों में सूजन पैदा करती है।
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे शुष्क हवा का असर बढ़ता है। बढ़ता प्रदूषण भी साइनस के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है। धूल और धुएं के कण नाक के भीतर जाकर एलर्जी को बढ़ाते हैं और साइनस कैविटी में सूजन को और गंभीर बना देते हैं।
बढ़ जाती है नाक में सूजन
नागरिक अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि सर्दियों में ठंड और शुष्क हवा साइनस को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। ठंडी हवा सीधे नाक के भीतर मौजूद म्यूकस मेम्ब्रेन को शुष्क कर देती है, जिससे सूजन बढ़ती है। साइनस के रास्ते बंद होने लगते हैं। इसका सीधा असर सिरदर्द और चेहरे के आसपास दर्द के रूप में दिखाई देता है।
- साइनस के लक्षण
साइनस के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-खांसी है। जब सिरदर्द लगातार बना रहे, आंखों के नीचे या माथे में दबाव महसूस हो, नाक से पीला या हरा स्राव आने लगे, या फिर बदन दर्द के साथ बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न होने पर यह समस्या क्रॉनिक साइनस में बदल सकती है, जिसका इलाज लंबा और जटिल होता है।
- बचाव के उपाय
बाहर निकलते समय नाक और मुंह को ढकें। पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीएं ताकि नाक की नमी बनी रहे। बहुत ठंडे पेय पदार्थों और आइसक्रीम से परहेज करें। घर के अंदर हवा में नमी बनाए रखने के लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। भाप लेना भी साइनस के रास्तों को खोलने में मददगार होता है। साइनस के लक्षण तीन-चार दिन में ठीक न हों तो स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।