करनाल। कोचिंग के नाम पर केंद्र खोलकर बच्चों को पढ़ाने की दुकान अब मनमर्जी से नहीं चलेगी। इसका संचालन भी अब स्कूल और कॉलेज की तरह नियमों के अनुसार होगा। बकायदा पंजीकरण कराकर लाइसेंस लेना होगा और जरूरी मानकों को भी पूरा करना होगा। अन्यथा प्रशासन की ओर से कोचिंग सेंटर को सील करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।
पंजीकरण करने के लिए जिला प्रशासन और जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी कोचिंग सेंटर संचालकों को पब्लिक नोटिस जारी करते हुए पंजीकरण कराने की हिदायत दी गई है। पंजीकरण के साथ ही पाठ्यक्रम, फीस, बैच की क्षमता, शिक्षकों की योग्यता भी तय होगी। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज की तरह मूलभूत और आधुनिक सुविधाएं भी विद्यार्थियों को देनी होगी।
इधर, स्थिति यह है कि करनाल शहर में 900 से ज्यादा कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें से ज्यादातर के पास दमकल विभाग की एनओसी भी नहीं है। मुगल कैनाल और पुराना बस अड्डा क्षेत्र के नजदीक तो छोटी दुकानों और बेसमेंट व बहुमंजिला इमारतों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। जिनमें चढ़ने और उतरने का रास्ता भी महज एकमात्र तंग सीढ़ी है। ऐसे में इन केंद्रों पर इस नए आदेशों के बाद गाज गिरना तय है। क्योंकि कुछ जगहों पर तो मानकों का पूरा होना भी संभव दिखाई नहीं दे रहा।
आज जारी होगा पोर्टल, फिलहाल उपायुक्त कार्यालय में दे सकते हैं आवेदन
जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी रेखा त्यागी ने बताया कि सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 अधिसूचित किए गए हैं। ये नियम हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए हैं। प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान तथा नया कोचिंग संस्थान स्थापित करने के इच्छुक संस्थान को संबंधित जिला प्रशासन के निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। शुक्रवार को पोर्टल जारी हो जाएगा। इसके अलावा उपायुक्त कार्यालय में भी पंजीकरण के लिए आवेदन दे सकते हैं।
यह है वैधता और पंजीकरण शुल्क
नए के लिए इतना 10,000 रुपये पंजीकरण शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पूर्ण आवेदन पाए जाने पर पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी। पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क निर्धारित है और नवीनीकरण प्रमाण-पत्र की वैधता एक वर्ष होगी।
तो स्कूल-कॉलेज के समय नहीं लगा सकेंगे क्लास
पंजीकृत संस्थान अपने साइन बोर्ड, प्रॉस्पेक्टस या किसी अन्य प्रचार सामग्री में केवल रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थान शब्दों का प्रयोग करेंगे। रिकोग्रनाइज्ड या एप्रूव्ड शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे। साथ ही, विद्यालय या शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए उनकी पढ़ाई के समय के दौरान कोचिंग कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी।
ये नियम मानने होंगे
- कोचिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम, अवधि, फीस, फीस वापसी नीति, बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता एवं बायोडाटा और काउंसलर एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का विवरण उपलब्ध कराना होगा।
- संस्थान में फर्नीचर, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पुरुष एवं महिला विद्यार्थियों के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग, पुस्तकालय/रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब आदि उपलब्ध सुविधाएं होनी चाहिए।
- कोचिंग संस्थानों द्वारा अपने रिकॉर्ड का रख-रखाव करना तथा आवश्यक जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण की व्यवस्था तथा संस्थान के वार्षिक खातों का चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट करवाने संबंधी प्रावधान भी किए गए हैं।
कोचिंग सेंटर के भवन।