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रोजगार बचाने के लिए सीएम सिटी में गरजे गेस्ट टीचर्स

Tue, 16 Jun 2015 01:06 AM IST
करनाल/ अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेशभर में कार्यरत 16 हजार गेस्ट टीचर्स में से 4073 को सरप्लस दिखाकर बाहर निकाले जाने के विरोध में सोमवार को जिलेभर में कार्यरत सैकड़ों गेस्ट टीचर्स ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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सड़कों पर उतरकर रोष मार्च निकालते हुए गुस्साए गेस्ट टीचर्स ने कहा कि स्कूल मुखियों द्वारा एक भी गेस्ट टीचर को सरप्लस नहीं बताते हुए सभी गेस्टों पर वर्कलोड दर्शाया है। बावजूद इसके इन सभी को आखिर क्यों और किसके इशारे पर हटाया गया है, मामले में जवाब तलब किया।

इस दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए गेस्टों ने मौलिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात करना चाही, लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थी। इस पर सुपरिंटेंडेंट ने उनकी मांग को जानना चाहा तो गेस्टों ने अपनी बात रखी। इस पर सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि इस बात का जवाब तो केवल डीईईओ ही दे सकती हैं। बहरहाल नारेबाजी कर गेस्ट टीचर बिना किसी को ज्ञापन सौंपे वापस लौट गए। इससे पहले जिलेभर के गेस्ट टीचर्स प्रदेशाध्याक्ष राजेंद्र शास्त्री की अध्यक्षता में फुव्वारा पार्क में एकत्रित हुए और आगे की रणनीति बनाई। यहां से नारेबाजी करने के बाद गेस्ट जिला लघु सचिवालय में पहुंचे। करीब तीन घंटे तक सीएम सिटी में अतिथि दहाड़ते रहे। प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि सरकार के दबाव में आकर डीईईओ गलत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में मंगलवार को गेस्ट टीचर्स ग्रामपंचायतों व एसएमसी सहित विभिन्न संगठनों से मिलकर बुधवार को अधिक से अधिक संख्या में लोगों को शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचने का आह्वान करेंगे। उन्होंने कहा कि 17 जून को महेंद्रगढ़ में शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा और वहीं पर महापड़ाव भी डालेंगे। राजेंद्र ने कहा कि सरकार एक तरफ तो बातचीत के रास्ते की बात कहती है, दूसरी तरफ छुट्टी वाले दिन गेस्टों को बाहर करने के आर्डर जारी कर उनकी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया जा रहा है।
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