करनाल। प्रेमप्लाजा होटल में भाजपा जिला कार्यकारिणी की बैठक में जैसे ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से मुखातिब हुए हुए। बोले पहले आपकी सुनेंगे, फिर अपनी कहेंगे। बोले-कौन कौन बात करना चाहता है, 10 लोगों ने हाथ खडे़ किए। सीएम बोले कि खड़े हो जाओ तो 15 लोग खड़े हो गए। इसके बाद एक-एक कर उन्होंने अपनी बात रखी। इसमें से अधिकांश की शिकायत थी कि अफसर बात नहीं सुनते, उन्हें दिशा निर्देश दिया जाए।
सबसे पहले कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बात रखी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन जो भाजपा कार्यकर्ता सांसद, विधायकों के जरिये जनहित के कार्य करने को कहते हैं, तो अधिकारी समयसीमा के अंदर यदि उन्हें पूरा कर दें तो ज्यादा अच्छा होगा। अधिकारियों को कुछ ऐसे निर्देश दिए जाएं जिससे वे कार्यकर्ताओं के कार्य समय सीमा के अंदर करें। उन्हें सांसद या विधायकों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। सीएम ने भी इस पर कार्रवाई का आश्वासन दिया और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को नोट करवाया।
जिला सचिव जोगेंद्र वाल्मीकी ने शहर में लाइब्रेरी बनाने की मांग रखी तो डा.वीरेंद्र चौहान की देखरेख में आठ लोगों से लिखित में मांग पत्र देने की बात कही गई। इंद्री के रनवीर गोयल बोले कि जोहड़ ओवरफ्लो हो रहे हैं, तो सीएम ने कहा कि हम तो प्रदेशभर के ही जोहड़ की सफाई करा रहे हैं, आपके यहां का भी हो जाएगा। जिला उपाध्यक्ष अमृत लाल जोशी ने कहा कि जो किसानों के नाम पर कुछ लोग भाजपा के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि हमें संयम से काम लेना है।
पिछली सरकारों में कुछ ऐसे कार्य हुए, जिनके दाग उन सरकारों पर हैं, चाहे वह निसिंग कांड हो या फिर कंडेला कांड, हम कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहते, जिससे हमारी सरकार की बदनामी हो। किसान हमारें हैं। यदि कोई कानून के खिलाफ कार्य करेगा तो सख्ती भी दिखानी पड़ेगी। रघुवीर बतान बोले कि आप जिले की हर बड़ी बैठक में आया करो, हमारी बात सुना करो। जब आप प्रचारक थे तब तक हम आपके बहुत नजदीक थे लेकिन अब कुछ दूरी महसूस हो रही है। मुख्यमंत्री हंसकर बोले कि अब आपने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है तो काम भी ज्यादा करना पड़ता है। कुछ कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत छोटे छोटे कार्य भी बता दिए। एक कार्यकर्ता ने फसल खरीद का भुगतान किसानों की इच्छा पर छोड़ने की बात भी उठा दी तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार का है। घरौंडा की रजनी बोले कि 25-25 साल पुराने कार्यकर्ता है लेकिन अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते हैं।