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रास्ता बदल कॉलोनी में पहुंचे सीएम, हालात देख अधिकारियों से पूछा, साढ़े चार साल में क्या किया

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हां, चीफ इंजीनियर जी रामपुरा कटाबाग के ये हालात क्यों हैं? अब काम क्यों चल रहा है, आपने साढ़े चार साल तक क्या किया? लोग मेरे को समस्या बता रहे हैं, आपको नहीं बताई क्या? इतने बुरे हालात को यहां के जहां पर मैं खड़ा हूं, लोग ये भी कह रहे हैं कि इससे आगे चलेंगे तो और बुरे हालात हैं। ये ठीक बात नहीं है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये शब्द प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर रमन शर्मा से कहे। नरक जैसे हालात देख तल्ख सीएम ने आदेश दिए कि आगामी एक माह में यहां सब कुछ ठीक होना चाहिए।
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शनिवार को प्रदेश के मुखिया और करनाल से विधायक मनोहर लाल का करनाल में प्रवास रहा। दिनभर कार्यकर्ताओं के घर चाय-पानी और आवागमन रहा। इसी बीच सीएम ने करीब 28 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन भी किया। प्रशासनिक अमलेे ने पूरा प्रयास किया कि सीएम को उन्हीं स्थानों पर ले जाया जाए, जहां के हालात ठीक हों, लेकिन सीएम के कार्यक्रम एक कार्यक्रम मेरठ रोड स्थित रामपुरा कटा बाग का भी तय हो गया। कार्यक्रम को लेकर जब अधिकारी कटा बाग पहुंचे तो वहां के नरक जैसे हालात देखकर दंग रह गए। प्रशासनिक अमले के साथ-साथ खुफिया विभाग तक के कर्मचारियों ने इसकी रिपोर्ट दी कि यहां पर कार्यक्रम होना मुश्किल है। इस पर नगर निगम समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने कोशिश की कि किसी भी सूरत में सीएम को कॉलोनी के अंदर न जाने दिया जाए। इसको लेकर पूरा प्लान भी तैयार किया, और कार्यक्रम कॉलोनी से बाहर रखा गया। लेकिन इसी बात सीएम को इसकी भनक लग गई। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने सुबह से ही कटाबाग में आनन-फानन में पूरा अमला लगा दिया। करीब दस जेसीबी, सफाई कर्मचारी। कोई सफाई में जुटा था तो कोई कीचड़ को हटाने में। जहां वर्षों से सफाई नहीं हुई, वहां पर खुद अधिकारी खड़े होकर कार्य करा रहे थे। अधिकारियों ने तमाम कोशिशें की कि किसी प्रकार से समस्याओं को दबा दिया जाए और दिखाया जाए कि यहां पर कार्य चल रहा है। इतना ही नहीं आनन फानन में गलियों के लिए टाइलें तक पहुंचा दी गई, ताकि ये लगे कि यहां पर विकास कार्य चल रहा है।
तय कार्यक्रम से एक घंटा देरी से पहुंचे सीएम सीधे कार्यक्रम स्थल पर न जाकर कटा बाग कालोनी के अंदर पहुंच गए। बस फिर क्या था। यहां के हालात देख खुद सीएम भी चौंक गए। सीएम की गाड़ी मुड़ते ही तमाम अमला भी उनके पीछे पीछे दौड़े। कच्ची गलियां और वहां पर जमा कीचड़ ने नगर निगम द्वारा कराए गए विकास का कहानी बयां कर दी। इस पर सीएम ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर रमन शर्मा से पूछा, ये क्या है? चीफ इंजीनियर ने कहा कि, सर कार्य चल रहा है। इस पर सीएम बोले, तो साढ़े चार साल से क्या चल रहा था? इस पर चीफ इंजीनियर के पास कोई जवाब नहीं था। इस मौके पर डीसी विनय प्रताप सिंह, एसपी सुरेंद्र भौरिया, एसडीएम नरेंद्र पाल सिंह, ओएसडी अमरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद समेत नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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सीएम साहब ये तो कुछ भी नहीं, आगे जाकर देखो, हमारे बच्चे स्कूल में तैर कर जाते हैं
जैसे ही सीएम मनोहर लाल कालोनी के अंदर पहुंचे और गाड़ी से उतरे तो पहले से ही जमा काफी संख्या लोग वहां पहुंच गए। सीएम कुछ बोलते इससे पहले ही आसपास की महिलाओं व अन्य ने बताया कि यहां के हालात बहुत खराब हैं। महिला दर्शनी देवी ने कहा कि जहां पर आप खड़े हो ये तो कुछ भी नहीं है, इससे आगे जाकर देखो हम कैसे जी रहे हैं। गलियों में पानी जमा होने से सांप निकल रहे हैं और स्कूल के आगे इतना पानी जमा हो जाता है कि बच्चों को तैर कर स्कूल जाना पड़ता है। सीएम साहब इससे भी बड़ी बात ये है कि हमारी सुध लेने कोई नहीं आता। आज आप आए हो तो सभी अधिकारी पहुंचे हैं।
इसलिए है दिक्कत
रामपुरा कटाबाग एरिया नगर निगम के अंतर्गत आता है। पिछले काफी समय से यहां पर सीवरेज की लाइन डल गई है, लेकिन इसका आगे कनेक्शन नहीं हो पाया है। इसके लिए एनएचएआई से परमिशन चाहिए। पिछले कई माह से येे एनओसी अटकी हुई है, इसलिए यहां पर न तो पानी की सप्लाई शुरू हो पाई है और न ही सीवरेज व्यवस्था। हर बारिश के सीजन में परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी इसलिए है कि ठेकेदार द्वारा सीवरेज लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन गली और सड़क को ठीक नहीं किया और उखाड़ कर ही छोड़ दिया। इसलिए गलियों में पानी और कीचड़ जमा है। बिजली की तारें लटकी पड़ी हैं।
निगम अधिकारी बोले, 15 दिन में सुधारेंगे हालात, सीएम ने एक माह दिया
नगर निगम के डीएमसी धीरज कुमार व चीफ इंजीनियर रमन शर्मा से पूछा कि यहां के हालात कितने दिन में सुधार दोगे। इस पर दोनों अधिकारियों ने दावा किया कि आगामी 15 दिन में वे सुधार देंगे। इस पर सीएम ने कहा कि 15 नहीं आपको एक माह का समय दिया, लेकिन इसके बाद दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अन्य विकास कार्यों की बजाए पहले यहां की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
शुगर मिल में बनेगा पंपिंग स्टेशन
कटा बाग एरिया लो लाइन में आता है। हर बार बारिश के सीजन में यहां पर दिक्कत आती है। यहां पर स्कूल समेत आंगनबाड़ी तक में दो दो फुट तक पानी जमा हो जाता है। कई बार निगम अधिकारियों को शिकायत करने पर भी काम नहीं हुआ। शनिवार को सीएम के पहुंचने के बाद डीसी के निर्देश के बाद कालोनी का पानी निकालने के लिए शुगर मिल में पंपिंग स्टेशन बनाने की बात कही।
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