केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कडे़ लहजे में कहा कि कांग्रेस को भाजपा नेता नरेंद्र मोदी से कोई डर नहीं है। कांग्रेस के पास देशभर के लोगों की ताकत है। तीसरी बार फिर डंके की चोट पर कांग्रेस अपनी सरकार बनाएगी।
कांग्रेस ने देश की जनता के लिए सोनिया गांधी, युवा नेता और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बहुत सारी कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। उधर, सैलजा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना पर लोगों के हित के बजाए स्वार्थ में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन लोगों की मंशा कतई साफ नहीं है।
मंशा साफ होती तो हरियाणा में विकास और नौकरियों के मुद्दों पर भेदभाव का आरोप नहीं लगता। कुमारी सैलजा वीरवार को सेक्टर पांच के कम्युनिटी सेंटर में पत्रकारों से रूबरू थीं। सैलजा वहां कांग्रेस नेता हरपाल चंदेल की बेटी की शादी में वर वधू को आशीर्वाद देने पहुंची थी।
उन्होंने सवाल का जवाब बेहद सुलझे ढंग से देते हुए कहा कि पार्टी नेताओं के बीच कोई गुटबाजी नहीं है लेकिन नेता अपने क्षेत्र में विकास नहीं होने का मुद्दा अवश्य उठा रहे हैं। उनको मुद्दा उठाना भी चाहिए। उन लोगों की अपने क्षेत्र में विकास कराने की जिम्मेदारी बनती है। विकास नहीं होता है तो वह अपने क्षेत्र की जनता के पक्ष में मुद्दा जरूर उठाएंगे।
हरियाणा में हुड्डा शासन में दलितों पर अत्याचार बढे़ हैं। आए दिन दुराचार होने के मामले सामने आते है। ऐसा नहीं है कि हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों में ऐसी घटनाएं नहीं होती है लेकिन हरियाणा में उनकी पार्टी की सरकार होने के बावजूद ऐसा होने पर कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने पार्टी में राज्य अध्यक्ष अनुसूचित जाति से होने के बावजूद अनुसूचित जाति के लोगों को संगठन में पूरी भागीदारी नहीं मिल रही है।
उन्होंने साफ कहा लोगों के हित के काम करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस राज्य अध्यक्ष और सरकार के बीच तालमेल का होना जरूरी है। उन्होंने कटाक्ष के लहजे में कहा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के बीच गहरा तालमेल है लेकिन मात्र अपने स्वार्थ के लिए। गरीब लोग कांग्रेस के हितैषी है। वह पार्टी छोड़कर जाने वाले नहीं है।
उन लोगों की नेहरू से लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी में आस्था है। मौके पर राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह ने साफ कहा कि हरियाणा में दलितों के हितों पर कुठाराघात हुआ है। क्षेत्रवाद के नाम पर भी लोगों को बड़ा भारी नुकसान किया गया है। वे लोग मनगढंत नहीं बोल रहे है। वर्तमान में ही सरकार के आंकड़ों की जुबान स्वयं बोलती है।
हरियाणा का हर व्यक्ति इस बात को जानता है कि क्षेत्रवाद और परिवारवाद की राजनीति हरियाणा में हावी है। पीड़ित लोगों की आवाज वे लोग जरूर उठाएंगे। उन लोगों ने करनाल में भी इस मामले पर सम्मेलन किया था। इसके बाद हरियाणा में अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग का गठन करने की घोषणा की गई। 100-100 के प्लॉटों के मामलों में भी लोगों को राहत मिली है।