- एचएसवीपी ने सोमवार को अपने हिस्से के नाले की सफाई के लिए खोदा अस्थाई नाला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम ने भले ही शहर के 24 बड़े नालों की सफाई पूरी कर ली हो लेकिन इस मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और सिंचाई विभाग का कार्य पूरा नहीं हुआ है। शहर के मुख्य और सबसे लंबे नाले कर्ण कैनाल की सफाई अभी अधूरी है, ऐसे में यदि भारी बारिश होती है तो जल निकासी में दिक्कत आ सकती है। मानसून की दस्तक होने के बाद अब एचएसवीपी ने अपने हिस्से के इस नाले की सफाई के लिए बाईपास नाले की खोदाई की है।
कर्ण कैनाल (मुगल कैनाल) शहर के बीच से गुजरती है। दर्जनों शहर के नाले, इसी में आकर मिलते हैं। एचएसवीपी कार्यालय से मेला राम स्कूल तक का हिस्सा एचएसवीपी के अंतर्गत आता है। इसके बाद हाईवे से कुछ आगे तक का हिस्सा नगर निगम और इसके बाद इसका नाम ड्रेन-एक हो जाता है। ड्रेन-एक व इसके भी आगे ड्रेन-दो का हिस्सा सिंचाई विभाग के तहत आता है।
बारिश के मौसम से पहले तीनों ही विभाग अपने-अपने हिस्से की सफाई कराते हैं। नगर निगम ने तो अपने हिस्से की सफाई करा दी है, जो शहर के बीच का हिस्सा पड़ता है लेकिन एचएसवीपी ने अब सफाई कार्य शुरू कराया है। एचएसवीपी कार्यालय से मेला राम स्कूल तक एक कर्ण कैनाल के किनारे एक नाला सोमवार को खोदा गया है, क्योंकि ये भूमिगत नाला है, जिसके अंदर ट्रैक्टर आदि उतार कर सफाई की जाती है। इसलिए इसमें पानी का बहाव बंद करना पड़ता है। जब तक इस नाले की सफाई का कार्य होता है, तब तक इसका पानी साइड में खोदे गए अस्थाई नाले से निकाला जाता है।
ये अस्थाई नाला हर साल ही खोदा जाता है, सफाई के बाद इसे पाट दिया जाता है, खोदी गई मिट्टी भी नाले के किनारे ही डाल दी जाती है, जिससे निर्मल कॉलोनी, वजीरचंद कॉलोनी दो हिस्सों में बंट जाता है, लोगों को आवागमन में भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ-साथ आगे के हिस्से में यानी ड्रेन-एक की सफाई का कार्य भी सिंचाई विभाग की ओर से अभी कराया जा रहा है, क्योंकि ये कार्य भी काफी विलंब से शुरू हो सका है।
चार-पांच दिनों में पूरा होगा सफाई का कार्य
मेला राम स्कूल से एचएसवीपी कार्यालय तक कर्ण कैनाल की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। नाले की सफाई के दौरान पानी को निकालने के लिए पैरलल नाले की खोदाई कर ली गई है। आगामी चार-पांच दिनों में ही नाले की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद पैरलल नालों को पाट दिया जाएगा। पानी मुख्य नाले से ही बहने लगेगा।
- धर्मबीर मैहला, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी करनाल