करनाल/असंध। परिवार को पांच लाख रुपये की लूट की झूठी कहानी सुनाकर गुमराह करने वाले राहड़ा गांव के दो सगे भाइयों की पोल पुलिस ने महज दो घंटे में खोल दी। अमित और प्रिंस ने पुलिस को फोन कर सूचना दी थी कि नारायण चौक के पास दो बाइकों पर आए युवकों ने उन पर डंडों से हमला कर पांच लाख रुपये लूट लिए।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों की जांच और बैंक खाते की पड़ताल में भाइयों के दावे संदिग्ध मिले। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने कथित लूट की कहानी गढ़ने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पांच लाख रुपये क्रिप्टोकरेंसी में लगा दिए थे। परिवार के पैसे मांगने पर उन्होंने लूट की झूठी सूचना देने का रास्ता चुना। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है। डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि लूट की सूचना मिलने के बाद सीआईए असंध प्रभारी सलिंदर कुमार और थाना प्रभारी राजेश कुमार की टीमें जांच में जुट गईं। दोनों भाइयों ने बताया था कि वे एचडीएफसी बैंक से पांच लाख रुपये निकलवाकर लाए थे। पुलिस ने उनकी बताई जानकारी की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली और बैंक से लेनदेन का रिकॉर्ड निकलवाया। जांच में भाइयों के बैंक से रुपये निकालने के दावे की पुष्टि नहीं हुई।
बैंक खाते में पांच लाख रुपये निकालने का रिकॉर्ड नहीं मिला
पुलिस दोनों भाइयों को असंध स्थित एचडीएफसी बैंक लेकर पहुंची। वहां उनसे रुपये निकालने का समय पूछा गया लेकिन उनके जवाबों में अंतर मिला। इसके बाद बैंक मैनेजर की मदद से खाते की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री निकलवाई गई। जांच में पांच लाख रुपये निकालने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक, दोनों के खाते में करीब आठ रुपये ही थे। बैंक रिकॉर्ड और भाइयों के बयानों में अंतर आने के बाद पुलिस का शक गहरा गया और उनसे गहन पूछताछ की गई।
परिवार ने जमा कराने के लिए दिए थे पांच लाख रुपये
पूछताछ में सामने आया कि परिवार ने दोनों भाइयों को खाते में जमा कराने के लिए पांच लाख रुपये दिए थे। पुलिस के अनुसार, दोनों ने यह रकम क्रिप्टोकरेंसी में लगा दी थी। बाद में जब परिजनों ने उनसे रुपये मांगे तो वे रकम का हिसाब नहीं दे पाए। परिवार को जवाब देने से बचने के लिए दोनों ने लूट की कहानी तैयार की और पुलिस को फोन कर दिया। हालांकि, रकम किस क्रिप्टोकरेंसी में और किस प्लेटफॉर्म पर लगाई गई थी, इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
झूठी सूचना देने पर कार्रवाई की तैयारी
डीएसपी गोरखपाल राणा के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच कर लूट की सूचना को झूठा पाया है। दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 182 के तहत कार्रवाई की जाएगी।