- सुनने व बोलने की समस्या से ग्रस्त मरीजों को नहीं करना पड़ेगा रेफर
अनुज शर्मा
करनाल। नागरिक अस्पताल को नौ साल बाद एक स्थाई ऑडियोलॉजिस्ट मिल गया है। ऐसे में अस्पताल के ऑडियोमेट्री कक्ष की अटैचियों में बंद पड़ी ऑडियोग्राफी मशीन के हिस्सों से धूल हट गई है। साथ ही अब सुनने व बोलने की समस्या से पीड़ित मरीजों को जांच के लिए रेफर नहीं करना पड़ेगा और एक ही छत के नीचे मरीजों की मशीनों से जांच संभव हो सकेगी।
नागरिक अस्पताल में सुनने व बोलने की समस्या से पीड़ित मरीजों की जांच के उद्देश्य से वर्ष 2015 में ऑडियोग्राफी मशीन लाई गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने एक बार देखने के बाद मशीन के चारों हिस्सों को फिर से अटैचियों में बंद करके ऑडियोमेट्री कक्ष में रख दिया था। तब से लेकर अब तक ये ऑडियोग्राफी मशीन धूल फांक रही थी, क्योंकि वर्ष 2015 में ऑडियोग्राफी मशीन आने के बाद से अब तक नागरिक अस्पताल में ऑडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त था।
जिस कारण नागरिक अस्पताल में ऑडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गंभीर मामलों में ईएनटी विशेषज्ञ मरीजों की जांच के लिए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर रहे थे, लेकिन वहां भी मरीजों को कोई राहत नहीं मिल रही थी। वहां पहले से मरीजों का अधिक बोझ होने के कारण नागरिक अस्पताल के रेफर मरीजों को डेढ़ से दो साल तक की तिथि दी जा रही थी। - संवाद
जींद से करनाल पहुंची ऑडियोलॉजिस्ट
ऑडियोलॉजिस्ट अपूर्वा शर्मा करनाल से पहले जींद के जिला नागरिक अस्पताल में कार्यरत थीं। जिसके बाद उन्होंने अब करनाल नागरिक अस्पताल में ज्वाॅइन कर लिया है। जिससे सीधे तौर पर मरीजों को लाभ मिलेगा। नागरिक अस्पताल के ईएनटी में रोजाना करीब 200 मरीज पहुंचते हैं जिनमें से 25 से 30 मरीजों की मशीन से जांच कराने की जरूरत पड़ती है।