- सैनिक स्कूल में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर जिलास्तरीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन
- निपुण भारत योजना के तहत प्रशिक्षण ले चुके शिक्षकों ने प्रस्तुत किए मॉडल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब मॉडल, शब्दकोष ट्री, पज्जल गेम और अन्य रोचक माध्यमों से पढ़ाई करेंगे। ताकि रुचिकर होकर पाठ्यक्रम सीधे उनके दिमाग और मन में उतर जाए। जिसे वे लंबे समय तक याद रख सकें। निपुण हरियाणा मिशन के तहत इस तरह से पढ़ाई की व्यवस्था स्कूलों में की जा रही है।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत मंगलवार को सैनिक स्कूल कुंजपुरा के सभागार में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। जिलास्तरीय कार्यक्रम में निपुण भारत योजना के तहत प्रशिक्षण ले चुके विभिन्न शिक्षकों ने अपने मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यशाला की शुरुआत में एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला पहुंचे। मौके पर एफएलएन किट एवं सामग्री की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अतिथियों और विद्यार्थियों ने अवलोकन किया।
जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी और मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों को निपुण भारत मिशन के तहत वर्ग 1 से 3 के छात्रों को 2026 तक उनके एफएलएन लक्ष्य की प्राप्ति की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर एफएलएन के जिला समन्वयक विपिन शर्मा, डिप्टी डीईओ अनीता डागर व सुदेश ठकराल और डीपीसी वंदना परूथी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में ये हुए सम्मानित
कार्यक्रम में 30 स्टार अध्यापक, 18 बाल गीत लिखने वाले अध्यापक, पहाड़ा प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाले 18 अध्यापक और 90 बच्चे, 60 प्रिंट रिच क्लास रूम टीचर, 20 बेस्ट केआरपी जिला एफएलएन समन्वयक और 12 अन्य उपलब्धियों के लिए अध्यापकों को सम्मानित किया गया।
बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी
एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता की भूमिका निभा सकते हैं। बेहतर राष्ट्र निर्माण के लिए बच्चों की नींव मजबूत करना जरूरी है और यह कार्य केवल शिक्षक ही कर सकते हैं। समाज में शिक्षकों को सम्मान का दर्जा प्राप्त है। विद्यालय में ऐसे वातावरण का निर्माण करें जिसमें बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान को पर्याप्त रूप से सशक्त बनाया जा सकें।
मूलभूत सुविधाओं में हुआ इजाफा
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को रुचिकर तरीकों से विकसित करते हुए बच्चो की नींव मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं में इजाफा किया गया है। राजकीय स्कूलों में भी दाखिले की होड़ लगे, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा मॉडल संस्कृति विद्यालयों की स्थापना की जा रही है।