माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की कमियां दूरकर उन्हें निपुण बनाया जाएगा। इसके लिए सभी स्कूलों 31 मई को पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) का आयोजन होगा। पीटीएम के दौरान एक जून से शुरू हो रहे ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान दिए जाने वाले गृह कार्य को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
पीटीएम में विद्यार्थियों की कमियों को दूर करने के लिए शिक्षक अभिभावकों के साथ विचार विमर्श करेंगे। सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी चर्चा होगी। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड संसाधन समन्वयक और स्कूल प्रभारी को निर्देश जारी कर दिए हैं।
निदेशालय के पत्र के अनुसार बैठक में अभिभावकों को शामिल होना है। इस दौरान अभिभावकों को छात्र के प्रदर्शन के बारे में बताया जाएगा। शिक्षक अभिभावकों को उनकी पढ़ाई के स्तर की रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से जानकारी देंगे। बच्चा किस विषय में होशियार है और किसमें कमजोर है, उसके बारे में अभिभावकों को भी बताया जाएगा ताकि बच्चों की कमियों को दूर कर उन्हें हर विषय में दक्ष बनाया जा सके।
विभाग का मानना है कि माता-पिता और शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसलिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की बेहतरी के लिए उनके बीच बातचीत आवश्यक है। इसे सुविधाजनक और उपयोगी बनाने के लिए पीटीएम एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। कई विद्यार्थियों के सीखने में अंतराल हो सकता है। ऐसे में अभिभावक-शिक्षक बैठक का महत्व इस अंतर को दूर करता है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने पीटीएम के लिए पत्र जारी किया है। सभी राजकीय प्राइमरी स्कूलों में 31 मई को अभिभावक-शिक्षक बैठक होगी, जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को मिलने वाले गृहकार्य को लेकर विचार विमर्श किया जा सके। इस पहल का प्रयास है कि विद्यार्थियों की कमियों को दूर किया जा सके और उन्हें हर विषय में दक्ष बनाया जा सके। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी।