- बच्चों की ओपीडी 30 से बढ़कर 80 के पार पहुंची, विशेष ध्यान रखने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ठंड बढ़ते ही बच्चों में वायरल का खतरा बढ़ने लगा है। वायरल संक्रमण के साथ ही निमोनिया के संदिग्ध केस में भी सामने आने लगे हैं। नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में लगातार निमोनिया से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष परुथी ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ वायरस, बैक्टीरिया और विभिन्न प्रकार के कीटाणु तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। बच्चों को सर्दी-खांसी के बाद सीने में बलगम जमा हो रहा है। इसके बाद यह तेजी से निमोनिया का रूप धारण कर रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग की मानें तो वायरल संक्रमण के कारण पहले जहां 30 से 40 बच्चे अस्पताल पहुंच रहे थे तो वहीं, अब इसकी संख्या 80 से ऊपर चली गई है। लगभग दोगुने से ज्यादा बच्चे बीमार हो रहे हैं।
इन 80 में से लगभग 15 बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिल रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि निमोनिया बच्चों में एक जानलेवा बीमारी है। संक्रमित बच्चों में सर्दी, खांसी के साथ यह धड़कनों को तेज कर देता है। जिसमें बच्चों को सांस लेने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बच्चे कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में समय रहते हुए तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। निमोनिया को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश जारी किया गया है।
निमोनिया के लक्षण
खांसी, बुखार, पसीना, ठंड लगना, सांस लेने में तकलीफ या सांस लेने में मुश्किल, सीने में दर्द, थकान, कमजोरी, भूख में कमी, दिल की धड़कन तेज होना और तेजी से सांस लेना।
सर्दी से बचाने के उपाय
बच्चे को हर्बल टी या गर्म पानी और नींबू के साथ दो चम्मच शहद मिलाकर दें। गुनगुने या नमक के पानी के गरारे कराएं। अदरक खांसी को भी शांत कर सकती है। बच्चे को हल्दी वाला दूध दें। अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर इसका सेवन कराएं। बच्चों को गर्म कपड़े ओढ़ाकर रखें।