करनाल। तुलसी विवाह पर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो चुका है। हर साल इस अवसर पर धार्मिक आयोजनों की आड़ में बाल विवाह होने की आशंका बढ़ जाती है। इस बार भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिला एवं बाल संरक्षण विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। विभाग गांवों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले विवाह आयोजनों पर कड़ी नजर रखेगा। महिला थाना के बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में अप्रैल से सितंबर तक 41 मामले बाल विवाह के दर्ज किए गए हैं। जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि उनकी व उनकी पूरी टीम की ओर से बाल विवाह को रोकने की पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर को प्रशासन की ओर से कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरीके से बाल विवाह न हो सके। संवाद