करनाल। समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद भी जिले में बाल विवाह के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बाल विवाह निवारण अधिकारी के कार्यालय में हर महीने औसतन सात से आठ मामले दर्ज हो रहे हैं। वहीं इस वर्ष कुल 86 बाल विवाह के मामले दर्ज किए गए। सोमवार को इंद्री के गांव घिसरपड़ी से बाल विवाह का एक नया मामला सामने आया। बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि परिवार वाले 17 वर्षीय लड़की की शादी छुपकर कर रहे थे। परिजनों ने बचने के लिए नाबालिग लड़की जिसकी शादी हो रही थी उसे बदल कर किसी और लड़की को दुल्हन बना दिया। जांच करने पर पता चला कि 17 वर्षीय लड़की की शादी की जा रही है। टीम ने बरात को वापस भेजकर शादी रुकवाई और मौके पर मामला दर्ज किया। संवाद