राहगिरी कार्यक्रम का रविवार को सुबह 6 से 9 बज तक मुख्यमंत्री मनोहर लाल
खट्टर ने भी जमकर लुत्फ उठाया। उन्होंने कार्यक्रम में योगाभ्यास किया,
दौड़ लगाई, साइकिल चलाई, बैडमिंटन खेला। कबड्डी भी खेली और दांवपेंच
आजमाये। इस कबड्डी में सीएम ने एक अंक जीता।
देशभक्ति गीतों पर थिरके व
राहगिरी के नाम से वेबसाइट भी लांच की, ताकि शहर के लोग घर बैठे भी
राहगिरी का नजारा देख सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहगिरी कार्यक्रम के
माध्यम से सप्ताहभर की थकान से राहत मिलती है, छोटे-छोटे बच्चों को अपना
हुनर दिखाने का एक अच्छा मंच भी मिला है। उन्होंने कहा कि शरीर, मन व
बुद्धि के विकास के लिए हम सबको व्यायाम व योग करना चाहिए। सुबह-सुबह किया
गया व्यायाम शरीर को हृष्ट पुष्ट व निरोग रखता है। तनावमुक्त जीवन में
राहगिरी जैसे कार्यक्रर्मों के माध्यम से सुकून मिलता है व थकावट दूर होती
है।
सीएम बोल, करनाल वासियां नूं राहगिरी दी वधाइयां
मुख्यमंत्री
ने कहा कि करनालवासियां नूं राहगिरी दी वधाइयां, ऐस तरां दे कार्यक्रमा नूं
दूसरी जगह वी चलाया जावेगा, ताकि लोकां नूं तनाव तो राहत मिलण। राहगिरी
कार्यक्रम में पहुंचने पर वीर खालसा दल के मंच पर डेरा कार सेवा के
प्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री को सिरोपा व तलवार भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने गायत्री मंत्रोच्चारण की मधुर ध्वनि के बीच योगाभ्यास किया।
उसके बाद बच्चों के बीच पहुंचकर कैरम बोर्ड, शतरंज के दाव खेले, दौड़
लगाई, तीरंदाजी पर भी हाथ अजमाए, आम लोगों से वार्तालाप किया, कन्या भ्रूण
हत्या के खिलाफ लगे साइन बोर्ड पर हस्ताक्षर किये, एनसीसी के कैडेट्स के
कारनामे देखे, गतका का प्रदर्शन देखा और देशभक्ति गीत पर भी थिरके। करीब
डेढ़ घंटे घूमकर राहगिरी कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। उन्होंने राहगिरी के
सफल आयोजन पर पुलिस अधीक्षक पंकज नैन व नगर निगम को बधाई दी। इस मौके पर
करनाल पुलिस रेंज के आईजी हनीफ कुरैशी, उपायुक्त डॉ. जेगणेशन, एसपी पंकज
नैन, नगर निगम की आयुक्त सुमेधा कटारिया, ओएसडी अमरेंद्र सिंह, एसडीएम
राजीव मेहता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, सहित नगर की विभिन्न सामाजिक
संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्मार्ट सिटी हो ऐसा, करनाल के लोग चाहे जैसा
राहगिरी
कार्यक्रम में सजे मंच पर राधे नाम के एक विकलांग बच्चे ने मुख्यमंत्री के
सामने देशभक्ति गीत पर स्टंट से परिपूर्ण नृत्य की प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने खुश होकर बच्चे का हौसला बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप
इनाम भी दिया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम की ओर से लगाए गए स्टॉल पर पहुंचकर
करनालवासियों के लिए संदेश लिखा कि स्मार्ट सिटी हो ऐसा, करनाल के लोग चाहे
जैसा।
रिद्धि के पिता ने सिखाई सीएम को धनुष कला
राष्ट्रीय स्तर
पर छोटी सी उम्र में अपनी छाप छोड़ चुकी करनाल की रिद्धि के पिता ने
राहगिरी कार्यक्रम के दौरान सीएम को धनुष चलाना सिखाया। इस दौरान सीएम ने
काफी देर धनुर्विद्या के गुरु सीखे। ध्यान रहे कि मनोज फॉर की बेटी सबसे कम
उम्र में नेशनल खेलने वाले भारत की एकमात्र खिलाड़ी है। इसके साथ ही कई
बार रिद्धि गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी कर चुकी है।
रिद्धि को उसके पिता मनोज ही धनुष चलाना सिखा रहे हैं।