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Karnal News: बीआरएस में नौकरी लगाने के नाम पर आठ लोगों से 32 लाख की ठगी

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एक आरोपी ने स्वयं को लेफ्टिनेंट बताकर ऋषिकेश में फर्जी तरीके से ट्रेनिंग और मेडिकल भी कराया
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फिर कार्यालय बंद कर हुए फरार, ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने पुलिस को दी शिकायत
आरोपियों ने ऋषिकेश में बना रखा था फर्जी ट्रेनिंग सेंटर, केस दर्ज कर पुलिस जांच पड़ताल में जुटी
कैथल के मानस गांव निवासी व्यक्ति की ओर से दी गई है शिकायत, रिश्तेदारों की भर्ती के लिए दिए थे रुपये

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने आठ लोगों से बॉर्डर रोड संस्थान में नौकरी लगवाने की एवज में 32 लाख रुपये ठग लिए। प्रत्येक से ट्रेनिंग के नाम पर चार लाख रुपये वसूले गए। उत्तराखंड में ऋषिकेश बुलाकर उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई और मेडिकल भी कराया। इसके बाद आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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कैथल के मानस गांव निवासी सूरजभान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव में फोटो स्टेट की दुकान करता है। वह करनाल के राहड़ा गांव निवासी अनिल को काफी समय से जानता है। अनिल पीड़ित की दुकान पर भी अक्सर आता-जाता था। आरोपी अनिल ने शिकायतकर्ता को बताया था कि वह कुरुक्षेत्र के प्रदीप, प्रभजोत सिंह और विवेक को जानता है। उसने विवेक को बॉर्डर रोड संस्थान में लेफ्टिनेंट कमांडर बताया था। साथ ही झांसा दिया था कि वह बॉर्डर रोड संस्थान में किसी की नौकरी लगवा सकता है। आरोपी अनिल की बातों में आकर उसने जनवरी-2021 में ऋषिकेश जाकर आरोपी विवेक और उसके साथ रवि नाम के आरोपी से मुलाकात की। उस समय विवेक बॉर्डर रोड संस्थान में ऑफिसर की ड्रेस पहने हुआ था। उसने शिकायतकर्ता से कहा कि वह ट्रेनिंग के लिए चार लाख रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से लेता है, जिसके बाद उनकी नौकरी लग जाएगी। इस पर पीड़ित ने अपने भतीजे नवीन और रिश्तेदार चेतन, मोहित, विजय, संदीप, राजबीर, धर्मबीर, प्रवीन की नौकरी की बातचीत की। इन सभी बच्चों की आरोपियों से करनाल कोर्ट परिसर में मुलाकात कराई गई। आरोपियों ने चार लाख प्रत्येक बच्चे के हिसाब से सभी से 32 लाख रुपये ले लिए। उसके बाद फर्जी तरीके से ऋषिकेश में ट्रेनिंग और मेडिकल कराया। इसके बाद जब बच्चों ने आरोपियों से नौकरी के बारे में पूछा तो वह बहाना बनाते रहे। उसके बाद आरोपी फरार हो गए। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पीड़ित की ओर से थाने में मामला दर्ज कराया गया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस मामले की जांच पड़ताल और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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