करनाल लोकसभा सीट पर लगातार तीसरी बार खिला कमल
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पूर्व सीएम मनोहर लाल भले ही पहली बार सांसद चुने गए हों लेकिन करनाल सीट पर भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई है। इससे पहले इस सीट पर लगातार चार बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस का ही है। हालांकि इससे पहले भी दो बार इस सीट पर जीत हासिल हो चुकी है।
इस सीट पर अब से पहले 18 सांसद रह चुके हैं। जिसमें 11 सांसद कांग्रेस के रहे हैं। वर्ष 1980 में कांग्रेस के टिकट पर पंडित चिरंजी लाल शर्मा सांसद बने, इसके बाद 1984, 1989 व 1991 में भी लगातार सांसद रहे। इसमें इस सीट पर कांग्रेस की हैट्रिक शामिल है। वर्ष 1996 के चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से ये सीट छीन ली। यहां भाजपा के ईश्वरदयाल स्वामी सांसद बने। लेकिन अगली बार 1998 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर करनाल सीट पर कब्जा कर लिया और भजन लाल सांसद बने।
इसके बाद फिर 1999 में भाजपा के ईश्वरदयाल स्वामी ने कांग्रेस को पराजित कर सीट हथिया ली। इसके बाद कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा के जीतने का खेल चलता रहा। वर्ष 2004 में कांग्रेस के टिकट पर अरविंद शर्मा ने बाजी मार ली। उन्होंने 2009 में भी करनाल सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। दो चुनावों में लगातार कांग्रेस की जीत के बाद वर्ष 2014 में भाजपा ने फिर वापसी की। अश्वनी चौपड़ा यहां से भाजपा के टिकट पर सांसद बने। इसके बाद 2009 में भाजपा ने फिर इस सीट पर अपना प्रत्याशी बदलकर संजय भाटिया को टिकट दिया।
संजय भाटिया पंजाबी बिरादरी से हैं। उन्हें मोदी लहर का भी साथ मिल गया तो 70.08 प्रतिशत मत लेकर बड़ी जीत हासिल करने में कामयाब रहे। उनकी जीत देशभर में दूसरे नंबर की सबसे बड़ी जीत साबित हुई। अब तीसरी बार भाजपा ने जीत का अंतर बड़ा होने के बावजूद संजय भाटिया को टिकट न देकर साढ़े नौ सालों तक हरियाणा के सीएम रहे मनोहर लाल को इस सीट पर उतारा। भाजपा की ये रणनीति भी कामयाब रही। प्रत्याशी भले ही अलग अलग रहे लेकिन भाजपा लगातार तीसरी बार करनाल सीट से विजय प्राप्त करने में कामयाब रही।