भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब पार्टी की बैठकों से कन्नी काटने लगे हैं। रविवार को कुछ इसी प्रकार का नजारा करनाल के पंचायत भवन में देखने को मिला। स्वर्ण जयंती समारोह को लेकर भाजपा के जिला प्रभारी रामेश्वर चौहान की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। बैठक से बड़े पदाधिकारियों के साथ साथ छोटे पदाधिकारियों ने भी दूरी बनाई। आलम यह कि पंचायत भवन के हाल में हुए कार्यक्रम में रखी गईं 150 कुर्सियां भी नहीं भर पाईं। पूरे हाल में मात्र सौ कार्यकर्ता ही उपस्थित रहे। खाली कुर्सियों को देखकर भाजपा के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी व मंच पर बैठे अन्य नेताओं के चेहरे भी उतरे हुए दिखे।
बैठक में भाजपा के जिलाध्यक्ष व नीलोखेड़ी से विधायक भगवानदास कबीर पंथी, घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, वेदपाल, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, निर्मला बैरागी व चंद्रप्रकाश कथूरिया मंच पर उपस्थित रहे। इसके लिए जिलेभर के पदाधिकारियों को संदेश भेजा गया था। बैठक में तीन साल में पार्टी की ओर से किए जाने वाले कार्यों को लेकर भी समीक्षा की गई। दोपहर बाद 3 बजे शुरू हुई बैठक शाम छह बजे तक चली। हाल में खाली कुर्सियों को देखकर सबसे पहले हाजिरी ली गई। मंच संचालन भाजपा के महामंत्री योगेंद्र राणा ने की। जैसे ही हाजिरी ली गई तो सबसे पहले पार्टी के जिला उपाध्यक्षों को परिचय देने के लिए कहा गया, लेकिन हाल में कोई भी नहीं पहुंचा था। जबकि, पार्टी के छह उपाध्यक्ष हैं।
इसके बाद कोषाध्यक्ष की बारी आई तो वे भी बैठक में नहीं दिखे। बाद में मंडल अध्यक्षों का हाजिरी बोली गई तो कुल 17 मंडल अध्यक्षों में से 10 ही हाजिर मिले। बैठक में दोनों महामंत्री मौजूद रहे, जबकि सचिवों की संख्या भी कम रही। इतना नहीं पूरे जिले पर अपनी निगाहें रखने वाली निगरानी कमेटी के चार चेयरमैन ही बैठक में उपस्थित रहे। कार्यकारिणी में सदस्यों की संख्या 48 है, जबकि मंडल महामंत्रियों की संख्या 40 है। निगरानी कमेटी के अध्यक्ष व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा भी बैठक में नहीं दिखे। कार्यकारिणी में भाजपा ने छह पार्षदों को भी शामिल कर रखा है, लेकिन पार्षद भी बैठक से नदारद रहे। इसी प्रकार, कस्बा स्तर के पदाधिकारियों का भी जोश बैठक के प्रति कम रहा।
बता दें कि भाजपा जिला कार्यकारिणी में 200 से ज्यादा पदाधिकारी व सदस्य हैं, लेकिन बैठक में इससे आधे ही उपस्थित रहे। इस पर जिला प्रभारी ने बैठक में कहा कि आगे से सभी को अच्छी तरह से संदेश मिले और बैठक में उपस्थिति जरूर की जाए। चौहान ने यह भी कहा कि जिला स्तर की बैठक में जिला परिषद के सदस्य (भाजपा) भी होने चाहिए। बैठक में महिला पदाधिकारियों की संख्या भी न के बराबर रही। हाल के अंदर की खाली पड़ी कुर्सियों को देखकर मंचासीन पदाधिकारी के चेहरे पर भी चिंता की लकीरें दिखीं, हालांकि किसी के भी लब इसको लेकर खुल नहीं पाए। इस बारे में जिला प्रभारी रामेश्वर चौहान का कहना है कि यह पहली परिचय बैठक थी। हो सकता है सदस्यों तक संदेश पहुंचने में कुछ बाधा रही हो।
सौंपीं जिम्मेदारियां
भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती समारोह एक नवंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसमें विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इनमें रथयात्रा भी शामिल है। उन्होंने बैठक में पिछले दिनों फरीदाबाद में आयोजित भाजपा की ओर से पारित किए गए प्रस्तावों के बारे में भी कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई। बैठक में राजबीर शर्मा, अशोक मदान, सुनील गोयल, संजय मदान, प्रवेश शर्मा, कुलदीप शर्मा आदि रहे।