फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: ओपीडी से उठवाई कुर्सियां, ठंड में फर्श पर बैठे रहे मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
मांगें पूरी कराने के लिए डॉक्टरों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल, कई बिना इलाज कराए लाैटे
विज्ञापन

- इमरजेंसी में भी केवल आपात स्थिति वाले मरीजों को देखा गया
- नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी तक में ओपीडी रही बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के बैनर तले शनिवार को सरकारी डॉक्टरों ने दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल की। जिसके चलते नागरिक अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में सुबह नौ से 11 बजे तक एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी। दो घंटे तक अस्पताल में मरीज कतारों में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। सुबह 11 बजे के बाद डॉक्टर काम पर लौटे और मरीजों का उपचार शुरू किया। इस दौरान ओपीडी से कुर्सियां उठवाकर उसमें हड़ताल कर रहे डॉक्टर बैठे गएए ऐसे में मरीज सर्दी में फर्श पर बैठने के लिए मजबूर हो गए।
डाॅक्टरों की हड़ताल का खमियाजा मरीज व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ा। सुबह आठ बजे से ही मरीजों व तीमारदारों की पर्ची काउंटर पर कतारें लगनी शुरू हो गईं। दोपहर 12 बजे तक ओपीडी 800 के लगभग रही। मरीज डॉक्टरों के कमरों के बाहर इंतजार करते रहे। सुबह 11 बजे पेन डाउन समाप्त होने पर डॉक्टर राउंड पर चले गए। 12 बजे से थाेड़ा पहले ओपीडी में कुछ ही मरीजों की जांच हो पाई।
विज्ञापन

जिले के दूरदराज के गांवों से आने वाले मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। अस्पताल प्रशासन की ओर से इमरजेंसी में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गईए लेकिन सुबह से दो-चार ही केस इमरजेंसी में पहुंचे। 11 बजे के बाद डाॅक्टर रूम में एक साथ मरीजों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान प्रसूताओं, सामान्य मौसमी बीमारी से ग्रसित बच्चों सामान्य रोगियों को बिना जांच के लौटना पड़ा।

डॉक्टरों के साथ हड़ताल पर रहा अन्य स्टाफ
अपनी मांगें पूरी कराने के लिए डॉक्टर हड़ताल पर रहेए लेकिन उनकी हड़ताल का फायदा अन्य स्टाफ ने भी उठाया। डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं। जिस काम को सिर्फ स्टाफ ने करना थाए उन्होंने वह भी नहीं किया। उन्होंने हड़ताल बताकर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में मरीजों की परेशानी बढ़ गई। सबसे अधिक गर्भवतियों को समस्या का सामना पड़ाए क्योंकि शनिवार को ओपीडी ब्लॉक में गर्भवतियों के लिए विशेष जांच शिविर लगाया गया थाए लेकिन उन्हें भी 11 बजे के बाद डॉक्टरों ने देखा।

कुर्सी पर डॉक्टर, फर्श पर मरीज
पेन डाउन के चलते डॉक्टरों ने ओपीडी ब्लॉक में रखी 15-20 थ्री सीटर कुर्सियों को चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों से उठाकर धरना स्थल पर रखवा लिया और उन पर बैठकर दो घंटे की हड़ताल का समय गुजारा। इसी दौरान ओपीडी में कुर्सियों की भारी कमी रही। जिन्हें कुर्सी नहीं मिली उन्हें सर्दी के मौसम में ठंडे फर्श पर बैठने पर मजबूर होना पड़ा।

नहीं मिला इलाज
शिव कॉलोनी से पहुंचे 62 वर्षीय महेंद्र ने बताया कि वह सुबह आठ बजे अस्पताल में शुगर की दवा लेने आया था। यहां डॉक्टरों की हड़ताल का पता चला। दो घंटे इंतजार करने के बाद वापस लौटना पड़ा

नहीं हो पाया एक्स-रे
निसिंग निवासी संजीव ने बताया कि उसकी बेटी को कई दिनों से खांसी की शिकायत है। ऐसे में एक दिन पहले डॉक्टर ने उसका एक्स-रे लिखा था आज वे एक्स-रे करवाने आए तो डॉक्टर ने 11 बजे के बाद का समय दे दिया लेकिन उसके बावजूद डॉक्टर ने एक्स-रे नहीं किया। ऐसे में उन्हें वापस जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन


ये हैं प्रमुख मांगें

डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। डॉक्टरों के लिए पीजी कोटा। विशेषज्ञ के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. संदीप अबरोल ने कहा कि अगर पेन डाउन के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी। इसको लेकर रविवार को जूम पर पूरे प्रदेश के डॉक्टरों की बैठक की जाएगी और आगामी निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें