- रेलवे रोड से हरियाणा नर्सिंग होम, वाल्मीकि चौक से आंबेडकर चौक तक हो रहा टी-फ्लाईओवर का निर्माण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर में करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे टी फ्लाईओवर के चलते अब पहले से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे हटाने पड़ेंगे। आश्चर्य की बात यह है कि इन कैमरों को लगाने पर पहले ही लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं और अब इन्हें हटाने व स्थानांतरित करने के लिए निगम ने 13 लाख रुपये का नया प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है।
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रेलवे रोड से हरियाणा नर्सिंग होम, वाल्मीकि चौक, आंबेडकर चौक होते हुए बलड़ी बाइपास तक किया जा रहा है। इस रूट पर यातायात निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए निगम की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे लेकिन अब निर्माण कार्य के बीच में आने वाले ये कैमरे बाधा बन गए हैं, जिन्हें हटाना अनिवार्य हो गया है। इन कैमरों की स्थापना पर पूर्व में लाखों रुपये खर्च किए गए थे। अब इन्हें हटाकर अन्य स्थानों पर लगाने, वायरिंग व कंट्रोल सिस्टम को फिर से व्यवस्थित करने पर करीब 13 लाख रुपये का खर्च अनुमानित किया गया है। इसके लिए निगम ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
करीब चार साल पहले शहर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ये सीसीटीवी भी लगाए गए थे। अब इनको हटाने का खर्च निगम को वहन करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इनको पुलिस की दी गई लोकेशन के अनुसार फिर से लगाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से पुलिस से सीसीटीवी लगाने की लोकेशन तक मांगी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से ये सीसीटीवी शहर के मुख्य रोड पर लगे रहना भी अनिवार्य है। टी फ्लाईओवर के सामने आने की वजह से अब इनकी लोकेशन बदली जाएंगी।