माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पति की मौत के बाद उसके दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करके व फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करके बैंक खाते राशि निकलवाने व धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। थाना शहर पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर ननदों, पूर्व पार्षद, बैंक कर्मी और मृतक की पूर्व पत्नी सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शिकायत में न्यू चार चमन निवासी रेखा ने बताया कि उनकी शादी तरुण के साथ 2021 में हुई थी, जिनसे उनकी एक बेटी भी है। शादी के बाद वे काम के सिलसिले में जयपुर में किराये के मकान पर रहने लगे। जहां उनके पति की तबियत खराब हो गई और उन्हें जयपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 20 नवंबर 2024 को उनकी मौत हो गई।
अस्पताल ने 27 नवंबर को उनका मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किया है। पति का दाह संस्कार करनाल में हुआ था। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को वे पति का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने जयपुर गई थीं। इस दौरान उनकी ननद नीरु, दुर्गेश, कविता और ननद का बेटा राहुल भी वहां आए और उनके दस्तावेज ले गए। इसके बाद जब वे करनाल वापस आईं तो पुराना बस अड्डा स्थित यूनियन बैंक की शाखा में गईं, जहां उनके पति का बैंक खाता है।
यहां उन्होंने लिखित में दरखास्त दी और कहा कि राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जाए और जब तक राशि न डाली जाए तब तक बैंक खाते को होल्ड पर रखें। इसके बाद 13 दिसंबर को उन्हें पता चला किए उनके पति के बैंक खाते से तीन लाख रुपये नीरु के खाते में ट्रांसफर हुए हैं। इस पर उन्होंने बैंककर्मी सीमा से पूछा तो उन्होंने भी उन्हें
धमका दिया।
आरोप है कि इन्हीं से मिलीभगत करके ननद ने राशि ट्रांसफर कराई है। उन्होंने बताया कि उनके पति की चार चमन में एक दुकान फुल पेमेंट एग्रीमेंट के तहत देवेंद्र कुमार से खरीदी हुई थी, जिसे जसपाल को किराये पर दी हुई थी। इस दुकान को भी उनकी ननंदों ने खाली करवा लिया और आरोपी देवेंद्र कुमार को बेच दी।
उन्होंने बताया कि उनके पति की एसबीआई माल रोड शाखा में 25 लाख रुपये की एफडी भी थी, जिसमें नॉमिनी उनकी बेटी कृषिका व केयरटेकर वे स्वयं थी। बैंक जाने पर पता चला कि इस एफडी पर कोर्ट से स्टे हुआ है। उन्होंने अदालत से पता किया तो पता चला उनके पति की पूर्व पत्नी अंजू अरोड़ा ने स्टे लिया है, अंजू का 2019 में तलाक हो चुका है।
उसने कोर्ट में एफडी के खिलाफ केस डाल रखा है। मामले में वे केस में पेश हुई और वहां से दस्तावेज निकलवाए। जिसमें पता चला कि अंजू ने उनकी ननद और अन्यों के साथ मिलकर उसके पति का नकली मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर कोर्ट में केस डाल रखा है। मृत्यु प्रमाणपत्र के अनुसार मृत्यु की तारीख 21 नवंबर को करनाल में मौत लिखवा रखी है। मौत 20 नवंबर को जयपुर में इलाज के दौरान अस्पताल में हुई थी। आरोप है कि वार्ड की पूर्व पार्षद सरिता कालड़ा ने भी गलत दस्तावेज तैयार कराने में मदद की है।