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Karnal News: शिक्षकों की क्षमता निर्माण से होगा शैक्षणिक परिणामों में सुधार

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- नई शिक्षा नीति के तहत हुई कार्यशाला में शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
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माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। सीबीएसई स्कूलों में कक्षाओं का वार्षिक शैक्षणिक परिणाम सुधार पर विशेष जोर रहेगा। आगामी परीक्षाओं और नए सत्र में परिणाम शानदार रहे, इसके लिए अभी से योजना तैयार की जा रही है। बकायदा शिक्षकों की क्षमता का निर्माण भी होगा। जिससे वे पढ़ाई के रोचक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थियों में विषय की समझ विकसित करें।

इसे लेकर नई शिक्षा नीति-2020 के तहत विशेष तौर पर ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यशाला का आयोजन हुआ। टैगोर बाल निकेतन स्कूल के सभागार में हुई कार्यशाला में विभिन्न जिलों के सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला सीबीएसई और सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), भारत सरकार मे तत्वावधान में आयोजित की गई है। जिसमें मुख्य रूप से सीबीएसई पंचकूला की उप सचिव सीमा खाखा, आईएसटीएम के उपनिदेशक प्रमोद कुमार जायसवाल, मास्टर ट्रेनर इंद्रजीत मित्तल और रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. सौरभ मल्होत्रा ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता सहोदय स्कूल कांप्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा ने की। ब्यूरो
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आधुनिक शिक्षण विधियों को सीखना होगा

कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षुओं को शिक्षण कौशल, तकनीकी उपकरणों के प्रभावी उपयोग पर जोर देने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान पर चर्चा की। सीबीएसई के मास्टर ट्रेनर ने कहा कि शिक्षक का उद्देश्य छात्र का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। उन्होंने सीबीएसई के स्कूलों को आधुनिक शिक्षण विधियों से लैस करने के महत्त्व पर प्रकाश डाला, जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। कार्यशाला में नई शिक्षा नीती 2020 के तहत शिक्षकों की क्षमता निर्माण के जरिये शैक्षणिक परिणामों में सुधार करने पर विशेष जानकारी दी गई।
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