अंबाला। छावनी तहसील को एक साल बाद तहसीलदार मिलने से काम को रफ्तार मिलेगी। हाल ही में असंध से आईं तहसीलदार प्रियंका ने काम संभाल लिया है। पिछले एक साल से छावनी की तहसील में तहसीलदार का पद खाली पड़ा था।
इस कारण नायब तहसीलदार सुनील कुमार तहसील में काम देख रहे थे। कई बार नायब तहसीलदार के फील्ड में होने, कोर्ट केस से संबंधित तारीख पर जाना, डयूटी मेजिस्ट्रेट, झगड़ा विवाद में डयूटी मेजिस्ट्रेट, तकसीम, गिरदावरी, चौकीदार, रिकवरी, बैंक डिफाल्टर केस में डयूटी, कब्ज कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन, म्युटेशन, रिकवरी और लोकसभा चुनाव में डयूटी के कारण लोगों के रजिस्ट्री से संबंधित काम समय पर नहीं हो रहे थे।
कई बार तहसील में शाम छह बजे के बाद भी नायब तहसीलदार को काम करना पड़ता था। कभी कभी कोर्ट केस के कारण नायब तहसीलदार सुनील कुमार को पूरा पूरा दिन कोर्ट में ही लग जाता था। जिसके कारण वापस चले जाते थे।
पिछले साल 2023 में मई महीने में तहसीलदार विजय स्याल आए थे, जो तीन महीने बाद अगस्त में ट्रांसफर होकर चले गए। तब से एक साल तक तहसीलदार का पद खाली था। कुछ समय के लिए डीआरओ अंबाला योगेश कुमार को अंबाला छावनी तहसील का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। लेकिन तहसीलदार योगेश कुमार के व्यस्त होने के कारण वह बहुत ही कम छावनी तहसील में आए थे। इसके बाद बराड़ा तहसीलदार विनती को कुछ समय के लिए अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। लेकिन बराड़ा में तहसील का काम ज्यादा होने के कारण वह भी अंबाला छावनी तहसील में नहीं आ सकीं।