- समय पर क्रेन मिलती तो बच सकती थी दोनों की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मेरठ रोड पर एक कैंटर अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गया। जिसमें सवार चालक व सहायक फंस गए। करीब दो घंटे तक चालक बचाने की गुहार लगाता रहा लेकिन कोई क्रेन न होने से आस पास के लोग अपने स्तर पर ही उन्हें बचाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान सहायक ने दम तोड़ दिया।
फिर क्रेन की मदद से चालक को निकाला तो उसकी अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया है। हादसे का कारण गलत दिशा से आ रहे ट्रैक्टर ट्राॅली चालक को बताया जा रहा है। सदर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अज्ञात ट्रैक्टर ट्राॅली चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
गाजियाबाद निवासी सहायक दिलशाद के परिजनों ने बताया कि कैंटर चालक मेरठ निवासी यशवंत और गाजियाबाद निवासी दिलशाद कैंटर में चावल लेकर अंबाला से गाजियाबाद के लिए निकले थे।
रात को वह 10.5 बजे मेरठ रोड पर पहुंचे थे तो एक ट्रैक्टर चालक गलत दिशा में आ रहा था। जिसने ट्रैक्टर के पीछे दो ट्राॅलियां जोड़ी थीं। उसने बचाने के लिए कैंटर चालक ने कट मारा तो वहां सड़क पर पशु का चारा पड़ा था। जहां से कैंटर के टायर फिसल गए और अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गया।
इस दौरान दिलशाद और यशवंत कैंटर में ही फंस गए। यदि समय पर जिला प्रशासन क्रेन उपलब्ध करा देता तो चालक की जान बच सकती थी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।