संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के गली-मोहल्लों, मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों पर अवैध रूप से लगाए गए अनधिकृत होर्डिंग्स और विज्ञापन पोल हटाने का अभियान पूरी तरह सुस्त पड़ गया है। स्थिति यह है कि सर्वे किए जाने के दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी नगर परिषद की तरफ से जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण छावनी वासियों को इन अवैध कब्जों के बीच ही आवागमन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
वहीं करोड़ों रुपये की लागत से छावनी के प्रमुख बाजारों में लगाई गई फैंसी लाइट्स और तराशे गए खंभे भी अब कारोबार का अड्डा बनते जा रहे हैं। कुछ लोग अपने कारोबार से जुड़े विज्ञापनों को इन पर चस्पा कर रहे हैं। इससे छावनी की खूबसूरती को धब्बा लग रहा है। बावजूद इसके नगर परिषद ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने में नाकाम साबित हो रहा है। यही कारण है कि आज छावनी शायद ही ऐसी कोई जगह हो, जहां होर्डिंग, विज्ञापन आदि न लगे व चस्पा हों।
दो महीने पहले हुआ था सर्वे, अब तक नतीजा सिफर सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद ने अवैध विज्ञापनों और होर्डिंग्स की भरमार को देखते हुए दो महीने पहले एक व्यापक सर्वे कराया था। इस दौरान अनधिकृत रूप से लगे पोल और होर्डिंग्स को चिह्नित भी किया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही इन पर बुलडोजर चलेगा या इन्हें जब्त किया जाएगा, लेकिन फाइलें केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गईं। जमीनी स्तर पर अमले ने अब तक एक भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया है। हालांकि कुछ लोगों को नोटिस देने का दावा किया गया था और उनसे जुर्माना वसूलने की बात भी कही गई थी। लेकिन हकीकत में इस पर कितनी कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
बार-बार बदले गए प्रभारी, पटरी से उतरा अभियान
इस बीच अतिक्रमण हटाने वाली विशेष टीम के प्रभारियों में भी फेरबदल किया जा चुका है। पिछले दो महीनों के भीतर टीम के दो प्रभारी बदले जा चुके हैं। जानकारों का मानना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार तबादलों और लचर तालमेल के कारण कार्यों की निरंतरता टूट गई है। नए प्रभारी आने पर पुराने आदेश फाइलों में दब जाते हैं, जिसका सीधा फायदा अवैध विज्ञापन लगाने वाली एजेंसियों को मिल रहा है।
हमने पहले बाजारों में अभियान चलाया था और 25 के करीब लोगों को नोटिस जारी कर जुर्माना भी वसूला था। जल्द ही दोबारा अभियान चलाकर अनधिकृत विज्ञापन पोल व होर्डिंग लगाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके अलावा फैंसी लाइट्स पर पोस्टर चस्पाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नप सदर, अंबाला।
अंबाला कैंट में रेलवे रोड पर लगी फैंसी लाइट्स पर चस्पा पोस्टर। संवाद