करनाल। भले ही अभी तक सरकारी तौर पर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है लेकिन नगर निगम के चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मेयर और पार्षद पद के दावेदारों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। उनका मानना है कि नगर निगम का चुनाव नए साल के पहले या दूसरे महीने में ही हो सकते हैं। दावेदारों को वार्डबंदी के नोटिफिकेशन का इंतजार है।
नगर निगम करनाल के 2018 में चुने गए बोर्ड का कार्यकाल तीन जनवरी 2024 को ही पूरा हो गया था। उसी समय चुनाव की सरगर्मियां शुरू हुई थी। वार्डबंदी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन सरकार पहले विधानसभा चुनाव कराना चाहती थी, इस कारण नगर निगम चुनाव टल गया था।
अब विधान सभा चुनाव के बाद नई सरकार का भी गठन हो चुका है, इसलिए अब माना जा रहा है कि जनवरी-फरवरी 2025 में नगर निगम के चुनाव कराए जा सकते हैं। नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि करनाल की वार्डबंदी पहले ही पूरी करके हरियाणा सरकार को भेज दी गई है, जिस पर अब सरकार को निर्णय लेना है।
चुनाव की तैयारियां पुराने पार्षदों के साथ साथ कई नए चेहरों ने भी शुरू कर दी है। आलम ये है कि पार्षद और मेयर पद के दावेदारों ने मेलजोल बढ़ा दिया है। पुराने पार्षद दोबारा निगम के सदन में पहुंचने के लिए ताकत झोंक रहे हैं, अपने वार्डों में अधूरे कार्यो को निगम अधिकारियों की मदद से पूरा कराने में लगे हैं। साथ ही वार्ड के लोगों से बैठकें भी कर रहे हैं। घर घर जाकर लोगों से राय भी ले रहे हैं।
वार्डों का आकार बढ़ेगा, संख्या ज्यों की त्यों
चुनाव पांच साल बाद होते हैं, इन पांच सालों में शहर का आकार बढ़ता है, नए भवन बनते हैं, नए परिवार जुड़ते हैं और इनके साथ मतदाता भी। इसलिए शहर की वार्डबंदी कराई जाती है। करनाल एड्हॉक कमेटी ने वार्डबंदी की प्रक्रिया को पहले ही पूरा कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक वार्डबंदी में कोई नया वार्ड नहीं बनाया गया है। सभी 20 वार्ड ही रहेंगे लेकिन इनका आकार जरूर बढ़ गया है। 20 में करीब आठ वार्ड ऐसे हैं, जिनका क्षेत्र एक दूसरे में जोड़ा गया है, जो शहर के किनारे के वार्ड हैं, उनमें नया क्षेत्र भी जोड़ा गया है। कुछ बड़े वार्डो का क्षेत्र कटा भी है।
परिवार तो बढ़े पर वोटर की संभावना कम
जहां तक मतदाताओं के बढ़ने की बात है कि करनाल की पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता बताती हैं कि शहर की जनसंख्या और क्षेत्र तो बढ़ा है। लोग अन्य शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों से भी शहर में आए हैं, नई कॉलोनियां भी बसी हैं लेकिन इस बार हरियाणा सरकार ने ये व्यवस्था लागू की है कि वही मतदाता होगा, जिसका परिवार पहचान पत्र बना होगा और वह करनाल का होगा। बड़ी संख्या में ऐसे लोग शहर में रहते हैं, जो घर बनाकर रहते तो करनाल में हैं लेकिन उनका परिवार पहचान पत्र अभी भी उनके गांव या पुराने शहर का है, ऐसे लोग शहरी सुविधाएं तो प्राप्त करते हैं लेकिन वह नगर निगम के मतदाता नहीं बन पाते हैं।
भाजपा अपने सिंबल पर लड़ेगी निगम चुनाव
नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा तैयार है। भाजपा पहले ही कह चुकी है कि नगर निगम का चुनाव पार्टी अपने सिंबल पर लड़ेगी। अभी तक नगर निगम चुनाव से संंबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं लेकिन जब भी चुनाव घोषित होंगे, तो पार्टी पूरी दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी। - -बृज गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा करनाल।