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Karnal News: चुनाव ड्यूटी से लौटीं बसें, अब परिवहन व्यवस्था होगी दुरुस्त

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- सुरक्षा बलों के लिए बसें आरक्षित होने से प्रभावित हुए थे 46 फेरे, ग्रामीण रूटों पर ज्यादा बढ़ गई थी समस्या
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माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। हरियाणा विधानसभा चुनाव में लगे रोडवेज कर्मियों और पुलिस व सुरक्षा बलों के लिए आरक्षित रोडवेज बसें अब बेड़े में वापस आने लगी हैं। ऐसे में आगामी दो दिनों में परिवहन व्यवस्था सुगम हो जाएगी। इसके बाद वर्तमान में प्रभावित 46 फेरे भी सुचारू होंगे और ग्रामीण क्षेत्र में भी बसें रोजाना पूरे चक्कर लगाएंगी।

हरियाणा विधानसभा चुनाव में रोडवेज के कर्मचारियों की ड्यूटी लगने और पुलिस व अर्ध सैनिक के लिए बसों को आरक्षित करने से करनाल जिले की परिवहन व्यवस्था चरमरा गई थी। जिला प्रशासन की ओर से 27 बसों को सुरक्षा बलों के लिए आरक्षित किया गया था, ऐसे में बसों के 46 फेरे घट गए थे मगर अब 22 बसें वापस लौट आई हैं, शेष दो दिन में आ जाएंगी।
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बसों के आरक्षित होने से सबसे ज्यादा दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर चलने वाली बसों को हटाया गया था। इसके अलावा ग्रामीण व लोकल मार्गों से भी बसें हटाई गईं। 25 सितंबर के बाद से पुलिस और फोर्स को करनाल में लाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों को लगाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में जवानों के लिए दो बसें कंबोपुरा, दो इंद्री और दो बसें असंध में खड़ी हैं। जवानों को भेजने के बाद ही इन बसों को सामान्य ड्यूटी में लगाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के आठ जिलों से पहुंचे थे सुरक्षा बल
करनाल रोडवेज की बसें हरियाणा के दूसरे जिलों में भी गईं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के आठ जिलों से भी बसें पुलिस व सुरक्षा बलों को लाने और उन्हें जिले में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगाया गया। ये बसें यूपी से हापुड़, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, इटावा सहित अन्य जिलों से आए जवानों के पास रही। जिस बस से जवान आए थे, उन्हें उसी बस से वापस भी भेजा जा रहा है।
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चुनाव में सुरक्षा बलों व पुलिस के लिए 27 बसों को आरक्षित रखा गया। 22 बसें लौट आई हैं, शेष दो दिनों में आ जाएंगी। जवानों को लाने-ले जाने के लिए ये बसें ड्यूटी पर रहीं। इससे जो मार्ग प्रभावित थे, उन पर दो दिनों में बस संचालन सुचारू हो जाएगा।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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