माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में पराली एवं फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क है। आमतौर पर देखने में आया है की अवकाश व छुट्टी वाले दिन आगजनी की घटनाएं ज्यादा नजर आती हैं। इसे रोकने के लिए अब जिला प्रशासन ने अवकाश, शनिवार और रविवार को फील्ड में अधिकारियों और एनफोर्समेंट टीमों की संख्या और ज्यादा बढ़ा दी है।
खेतों में आगजनी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए हरसेक हरियाणा की तरफ से सेटेलाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। फसल अवशेषों में आगजनी की घटना होने पर सेटेलाइट के माध्यम से लोकेशन कृषि विभाग की टीम को भेजी जाएगी जिस पर गठित ग्राम स्तरीय एनफोर्समेंट टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खरीफ सीजन में फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से जिला और खंड स्तर पर आगजनी की घटनाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
ये बनाए गए कंट्रोल सेंटर और उनके इंचार्ज:
खंड इंचार्ज का नाम पद मोबाइल नंबर
करनाल गौरव मेहला खंड कृषि अधिकारी 94166-39696
घरौंडा राहुल दहिया खंड कृषि अधिकारी 87084-59384
इंद्री अश्वनी कम्बोज खंड कृषि अधिकारी 81681-40732
निसिंग कर्मवीर गिरी खंड कृषि अधिकारी 94166-56600
नीलोखेड़ी रामपाल खंड कृषि अधिकारी 94163-93447
असंध बलदेव खंड कृषि अधिकारी 98965-15375
उपनिदेशक कृषि कार्यालय पुनीत डाटा एंट्री ऑपरेटर 0184-2272623
तीन किसानों के खिलाफ एफआईआर
कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के मामले में घरौंडा खंड के तीन किसानों पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। तीनों किसानों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया है और उनके मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में रेड एंट्री कर दी गई है। ये किसान अगले दो सीजन अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पाएंगे।