संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला सचिवालय में सरस्वती बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में बहने वाली बरसाती नदियों के किनारे जहां पर पंचायती भूमि है उन स्थानों पर रिजर्व वायर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि रिजर्व वायर बनाने से वाटर रिचार्ज से जमीन का जलस्तर बढ़ेगा जिससे लोगों को पीने के पानी व सिंचाई के लिए पानी की समस्या नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार किसान व नदियों की हितैषी है। किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी सरस्वती नदी में कार्य तेजी से चल रहा है।किरमच ने बताया कि मौजूदा सरकार में सरस्वती नदी में करीब 400 किलोमीटर में पानी चल रहा है जिससे किसानों के आसपास के इलाके में रिचार्जिंग बढ़ रही है और किसानों को बहुत बड़ा फायदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के किनारे मुगलवाली व छल्लौर में रिजर्व वायर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राक्षी नदी व सोम पथराला नदियों के किनारे पंचायती भूमि पर रिजर्व वायर बनाने के लिए पंचायती जमीन को चिन्हित किया जाए। उन्होंने सोम व पथराला नदियों से डिशेल्टिंग करवाने के लिए सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन नदियों के किनारे लगने वाले गांवों की रिपोर्ट आगामी 4 सितंबर को होने वाली बैठक में प्रस्तुत करें।
इस अवसर पर हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के सदस्य मुकेश गर्ग, व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ, छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार, रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता आर.एस. मित्तल, सरस्वती बोर्ड के अधीक्षक अभियंता अरविंद कौशिक, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेन्द्र कुमार, विजय गर्ग आदि मौजूद रहे।