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बजट : डिजिटल मजबूती से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, बजट में शिक्षा को मिले प्राथमिकता

Thu, 15 Jan 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आगामी बजट में डिजिटल सुविधाओं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। शिक्षाविदों और शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। इसलिए जिस तरह रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाती है, उसी तरह शिक्षा क्षेत्र के लिए बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जानी चाहिए। शिक्षकों का मानना है कि बीते कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तो हुआ लेकिन यह शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहा जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे छात्र आधुनिक शिक्षा से पीछे रह जाते हैं।

- विद्यालय मुखियाओं से लें जानकारी
घरौंडा के जीएमएसएसएस विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रजीत ने कहा कि शिक्षा का बजट भी रक्षा बजट की तरह बढ़कर आना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं कि अब शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा है। विद्यालय मुखियाओं से जानकारी ली जानी चाहिए कि उनके विद्यालयों में कहां-कहां सुधार की आवश्यकता है ताकि ग्राउंड लेवल तक शिक्षा क्षेत्र में सुधार हो सके। इसमें कोई भी नीति अगर बनाई जाती है, तो उसे जिला स्तर तक लाया जाना चाहिए। उम्मीद है सरकार इस बार शिक्षा क्षेत्र में और बेहतर करेगी।
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- छात्रों को स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिले

कुंजपुरा के पीएमश्री जीएसएस विद्यालय के प्रधानाचार्य सतवीर ने कहा कि सबसे पहले बेसिक सुविधाएं जरूरी है। बायो टॉयलेट से लेकर पेयजल सुविधाएं, बच्चों के स्वास्थ्य के लिए शिविरों का आयोजन हर विद्यालय में होना चाहिए। सफाईकर्मी से लेकर चौकीदारों की भर्ती होनी चाहिए, जिससे बुनियादी सुविधाएं प्रभावित न हों। शिक्षा के बजट में नए पदों के सृजन, शिक्षकों के प्रशिक्षण और नई तकनीकों के उपयोग के लिए अलग से प्रावधान किया जाना चाहिए। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में काम होना चाहिए।

- बच्चों के कौशल में सुधार की जरूरत
ब्रास के जीएसएस विद्यालय के प्रधानाचार्य सलिंदर सिंह ने कहा कि बच्चों के कौशल में सुधार लाने की जरूरत है। रोजगार के लिए प्रतिभागिता बहुत अधिक बढ़ गई हैं। इसलिए बच्चे अगर स्वयं उस भीड़ में नहीं जाना चाहे तो उनके लिए कौशल विकास की नीतियां शुरू की जाएं ताकि वे शुरुआत से ही उस ओर अपनी पकड़ बना पाएं। साथ ही बजट में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम भी जरूरी हैं, ताकि वे बदलते पाठ्यक्रम और नई तकनीकों के अनुरूप तैयार हो सकें।
- छात्रों को बुनियादी सुविधाएं हो मुहैया
कुटेल के पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर सिंह ने कहा कि शिक्षा एक बुनियादी जरूरत है। सरकार को चाहिए कि शौचालयों, पानी की बेहतर व्यवस्थाओं, नई तकनीकों का विस्तार और गांव के स्कूलों तक मुहैया कराने का लक्ष्य बजट में होना चाहिए ताकि शिक्षा की जड़ें मजबूत हो। एआई से पढ़ाई में विस्तार की जरूरत है जिससे बच्चों को आधुनिकता से जुड़ने का मौका मिलेगा। सरकार से आस है कि इस बार कुछ प्रतिशत और बजट का शिक्षा में बढ़ाया जाए।
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- शिक्षा को डिजिटल में मजबूत करना जरूरी
गुरुनानक खालसा कॉलेज हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बीर सिंह ने बताया आज के समय में शिक्षा को डिजिटल रूप से मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। ऑनलाइन कंटेंट, स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड से न केवल पढ़ाई रोचक बनती है, बल्कि बच्चों की समझ भी बेहतर होती है। इसके लिए स्कूलों में स्थायी इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्याप्त उपकरण और प्रशिक्षित शिक्षक होने चाहिए। उम्मीद है कि सरकार स्कूल से लेकर स्नातकोत्तर शिक्षा तक सुधार और नई नीतियां लाने का प्रयास करेगी।
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