संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भाई अमन भी क्रिकेटर बनना चाहते थे। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें अपना सपना छोड़ना पड़ा। भाई के अधूरे सपने को पूरा करने के लिए सोनम ने क्रिकेट को अपना लक्ष्य बना लिया।
भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम की स्टार स्पिनर सोनम मुकेश यादव करनाल में आयोजित महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शुक्रवार को पहुंचीं। उन्होंने इस मौके पर खिलाड़ी के रूप में अपनी अब तक की यात्रा पर बात की। 18 वर्षीय लेफ्ट-आर्म स्पिनर सोनम अंडर-19 आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2023 और 2025 में खेली टीम में शामिल थीं।
उन्होंने बताया कि 12 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। गली में क्रिकेट खेला करती थीं। खेल से सभी प्रभावित थे। फिरोजाबाद निवासी सोनम ने बताया कि शुरुआत में कई लोगों ने उनके पिता को यह कहकर हतोत्साहित किया कि लड़कियों के लिए खेलों में कॅरिअर बनाना सही नहीं होता। पिता मुकेश यादव मजदूरी करते हैं। उन्होंने बेटी की प्रतिभा और जुनून को समझा और उसे आगे बढ़ने का मौका दिया। उन्होंने सोनम को सुमित नरवाल की क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया।
सोनम ने करनाल के लिए कई मैच खेले। बाद में पारिवारिक कारणों से उन्हें फिरोजाबाद लौटना पड़ा। हालांकि वह अब भी अकादमी की टीम का प्रतिनिधित्व करती हैं।
सीनियर टीम में जगह बनाना है लक्ष्य
सोनम ने बताया कि पिछले साल अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में उन पर काफी दबाव था। उन्होंने शांत दिमाग से गेंदबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सीनियर खिलाड़ियों से मिलने पर उन्हें खेल की बारीकियां पता चलती हैं। वह इनको अभ्यास में शामिल करती हैं। बोलीं कि सीनियर भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बनाना उनका लक्ष्य है। इसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही हैं।