- पानीपत एनएफएल से मंगवाया जा रहा पत्थर, बारिश ने बढ़ाई अधिकारियों और लोगों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पश्चिमी यमुना नहर के रेलवे ओवरब्रिज के समीप से तट को टूटे हुए तीन दिन बीत चुके हैं मगर अभी तक ये दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। इसकी गंभीरता को देखते हुए डीसी उत्तम सिंह ने संज्ञान लेते हुए मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईन रणवीर सिंह से पूरी जानकारी ली और कहा कि जल्द नहर के दोनों सिरे के टूटे तट को मजबूत किया जाए।
विभाग के अधिकारियों ने अब नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) से पत्थर मंगवाया है। जिसे नहर के किनारों पर गिराकर मजबूत किया जा रहा है क्योंकि इससे पहले विभाग के अधिकारी मिट्टी व मिट्टी को कट्टे में भरकर तट पर लगा रहे थे लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह पानी में बह गए और तेज बहाव से तट में कटाव बढ़ता जा रहा था। अधिकारियों का दावा है कि वह शुक्रवार को दोनों तरफ के टूटे हुए तट को मजबूत कर देंगे। अमर उजाला लगातार तीन दिनों से इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा है। जिस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त उत्तम सिंह ने दौरा किया है।
बारिश ने बढ़ाई अधिकारियों की चिंता
बारिश ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि बारिश के कारण नहर के तट को मजबूत करने का कार्य नहीं चल पाया। वहीं नहर की पटरी पर भी बारिश के कारण कीचड़ हो गया। जिससे डंपर नहीं चल पाए। इसलिए पहले अधिकारियों ने टूटे हुए तट तक डंपरों को पहुंचाने के लिए पहले रास्ते पर पत्थर डालकर उसे ठीक किया और फिर डंपर की मदद से पत्थरों को टूटे हुए तट पर डाला ताकि उसे बंद किया जा सके। वहीं देर शाम तक यह कार्य चलता रहा।
दूसरी ओर मजदूरों ने भी कट्टों में मिट्टी डालकर उन पर लोहे का जाल लगाया। इसके बाद जेसीबी की मदद से उन्हें नहर के किनारे लगाया गया ताकि पानी के बहाव से कटाव न हो। यदि बारिश तेज आ गई तो समस्या बढ़ सकती है।
किसानों की भी बढ़ रही चिंता
पश्चिमी यमुना नहर की स्लैब टूटने से किसानों की भी चिंता बढ़ रही है। क्योंकि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नहर की स्लैब टूट रही है तो साफ है कि नहर के किनारे खोखले हैं। जो कभी भी टूट सकते हैं। क्योंकि अभी तक जिले में इतनी बारिश भी नहीं हुई है जिससे यह कह सकें कि ज्यादा पानी के कारण यह स्लैब टूटे हैं। अभी तक नहर में ही पानी चल रहा है। यदि ज्यादा पानी नहर में छोड़ा गया तो अन्य जगह से भी नहर का स्लैब टूट सकता है। स्लैब टूटने से नहर का किनारा टूटेगा और पानी किसानों की फसल में जाएगा। जिससे आसपास के क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। इसलिए किसान चिंतित हैं।
नहर के तट को मजबूत करने के लिए पानीपत के एनएफएल से पत्थर मंगवाया गया है। शुक्रवार तक तट को मजबूत किया जाएगा। वीरवार को बारिश के बाद दोपहर बाद ही कार्य शुरू हुआ था।
रणवीर सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग करनाल
नहर की पटरी में हुए कटाव का मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट ली गई है। कटाव को जल्द से जल्द भरने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नहर में कटाव कैसे हुआ है। इसके बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है।
उत्तम सिंह, डीसी करनाल