- गोशाला भेजने के बावजूद कम नहीं हो रही पशुओं की संख्या, फसलों को भी कर रहे नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। बेसहारा पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। सड़कों-गलियों व चौराहों पर जब भी देखिये इनका जमावड़ा लगा रहता है। यहां तक कि ये खेतों में झुंड के साथ पहुंचकर खड़ी फसलों को चट कर जाते हैं। कई बार ये बेसहारा पशु आपस में भिड़कर वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। अंधेरे में नजर न आने के कारण इनके अचानक सामने आने से लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
मंजूरा गांव के समीप सड़कों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। कुछ ग्रामीण सड़कों-गलियों, चौराहों, ड्रेनो के समीप व खेतों में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में छोड़ आते हैं मगर जब गाय दूध देना बंद कर देती है तो कुछ लोग इन्हें गांवों या शहरों की गलियों में छोड़ देते हैं। जिसके कारण इनकी संख्या बढ़ती जाती है। बेसहारा पशुओं के हमले का बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को डर सताता रहता है। निसिंग क्षेत्र में छह से अधिक गोशालाएं बनने के बावजूद सड़कों पर घूमते बेसहारा पशु रोज देखे जा सकते हैं। नगर पालिका और पंचायतें इन्हें गोशालाओं तक पहुंचाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर रही है।
गोशाला छोड़ आते हैं पशु
नपा पार्षद लब्बू जांगड़ा ने बताया कि निसिंग में युवा साथियों के सहयोग से गोसेवा भाव से जहां कहीं भी गोमाता एवं उनके छोटे बछड़े नजर आते हैं। यदि वह घायल अवस्था में हैं तो उनका प्राथमिक उपचार कर गोशाला छोड़ आते हैं।
गोशाला पहुंचाएं गोवंश : गोपाल स्वामी
गोशाला संचालक गऊपालक गोपाल स्वामी का कहना है कि उन्होंने छह से अधिक गोशालाएं संचालित की हैं। सभी क्षेत्रवासियों से कहा है कि यदि उनके आसपास में कोई गोवंश घूमता हुआ नजर आता है तो वह उसे गोशाला तक पहुंचा दे ताकि गोवंश गांवों व शहरों के चौराहों, सड़कों के बीच न बैठे। गोवंश के लिए गोशालाओं के द्वारा हमेशा खुले हैं।
गायों को लेकर नपा की तरफ से टेंडर प्रक्रिया अभी लंबित है। आचार संहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। जब तक टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होती है, तब तक निजी स्रोतों के माध्यम से क्षेत्र में जो भी गोवंश सड़कों, खेतों में घूम रहे हैं, उनको गोशाला तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। जिससे सड़कों पर विचरण कर रही गायों के कारण कोई अप्रिय घटना न हो सके।
रोमी सिंगला, नगर पालिका अध्यक्ष