माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। घोघड़ीपुर गांव के पास मंगलवार की शाम को पश्चिमी यमुना नहर में डूबे प्रतीक (12) परिवार में इकलौते बेटा है। बेटी के 12 साल बाद उनका जन्म हुआ था। लक्की (15) अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे हैं। मंगलवार को दोनों अपने घर से शाम को साइकिल लेकर निकले थे। जाने से पहले परिजन ने रोका था। लेकिन दोनों नहीं माने और गली में खेलने के बाद नहर पर पहुंच गए। बुधवार रात तक उनका कोई सुराग नहीं लगा था।
दोनों की तलाश के लिए बुधवार को एसडीआरएफ की टीम ने भी खोज अभियान चलाया। घोघड़ीपुर गांव से पिचौलिया हेड तक छह किलोमीटर की नहर को खंगाला गया। दोनों बच्चों के परिवार के सदस्य भी मंगलवार शाम से नहर पर नजरें लगाए बैठे हैं। गोताखोरों का दावा है कि दोनों बच्चों को जल्द ही तलाश लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार मंगलवार को तीन बच्चे नहर पर घूमने आए थे। नहर पर सेल्फी लेते हुए लक्की का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए प्रतीक ने नहर में छलांग लगा दी। तीसरा बच्चा आयुष उर्फ अमन थोड़ी ही दूर खड़ा था। उसने परिवार को जानकारी दी। तीनों आनंद विहार कॉलोनी में पड़ोसी हैं।
साइकिल पर घर पर पहुंचकर दी जानकारी
प्रतीक के परिवार ने बताया कि आयुष साइकिल से उनके घर पहुंचा और प्रतीक की मां मंजू को जानकारी दी। इसके बाद दोनों परिवारों के लोग नहर पर पहुंचे। प्रतीक के दादा रमेश ने बताया कि तीनों बच्चे रोजाना गली में ही साइकिल चलाते थे। मंगलवार को भी वे गली में ही खेलते रहे। जब आगे जाने लगे तो परिजन ने रोका भी था। पता नहीं कब वे नजर बचाकर नहर की ओर चले गए।
प्रतीक सातवीं और लक्की 10वीं का छात्र
लक्की के पिता धमेंद्र ने बताया कि लक्की अपने भाई-बहन से बड़ा है। 10वीं कक्षा में पढ़ रहा है। प्रतीक की मां मंजू ने बताया कि वह सातवीं कक्षा का छात्र है। आयुष भी उसका सहपाठी है। प्रतीक के पिता चालक हैं और लक्की के पिता सेक्टर-3 में नौकरी करते हैं। दोनों परिवारों में मातम छाया हुआ है। मांओं की हालत अधिक खराब है।
बेटी के 12 साल बाद जन्मा था प्रतीक लक्की तीन भाई-बहन में सबसे बड़ा
बेटी के 12 साल बाद जन्मा था प्रतीक लक्की तीन भाई-बहन में सबसे बड़ा